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पंजाब

रोजाना बढ़ रहे मामले; जल्द टेस्टिंग से खतरा कम

चंडीगढ़। चंडीगढ़ में डेंगू केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस वर्ष अभी तक लगभग 600 डेंगू के मामले चंडीगढ़ के अस्पतालों में आ चुके हैं। चंडीगढ़ की डायरेक्टर, हेल्थ सर्विसेज (DHS) डा. सुमन सिंह का कहना है कि सेक्टर 16 के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ही रोजाना 10 से 15 केस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू के संदिग्ध मरीजों को तुरंत अपनी टेस्टिंग करवानी चाहिए ताकि हालत बिगड़ने से पहले ही इस पर काबू पाया जा सके।DHS ने कहा कि डेंगू में हालत बिगड़ने पर प्लेटलेट्स काफी कम हो जाते हैं हालत चिंताजनक हो जाती है। उन्होंने बताया कि शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड तैयार किए गए हैं। वहीं डेंगू की टेस्टिंग की सुविधा भी फ्री रखी गई है।शहर में डेंगू लगातार बढ़ रहा है मगर राहत की बात है कि अभी तक शहर में डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। पिछले वर्ष 3 लोगों की डेंगू से शहर में जान गई थी। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शहर के विभिन्न हिस्सों से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। किसी विशेष जगह से केस नहीं आ रहे हैं। वहीं कुछ केस ऐसे भी आ रहे हैं जिनमें डेंगू में बुखार नहीं आ रहा है। डेंगू के कुछ मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें भर्ती भी किया जा रहा है। वहीं ब्लड प्लेटलेट्स भी अस्पतालों में उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।बता दें कि शहर के सेक्टर 16 के गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर 32 के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, सेक्टर 22, 45 और मनीमाजरा के सिविल अस्पतालों में कई डेंगू मरीज और संदिग्ध टेस्टिंग के लिए पहुंच रहे हैं। जिन मरीजों की हालत बिगड़ रही है उन्हें PGI भी रेफर किया जा रहा है।डेंगू का खतरा कबजब बुखार 40 डिग्री सेल्सियस/104 डिग्री फारनहाइट हो ।भयानक सरदर्दआंख के पीछे दर्दमांसपेशियों और जोड़ों का दर्दजी मचलनाउल्टीग्रंथियों में सूजनगंभीर डेंगू होने पर (डेंगू शुरू होने के लगभग 3-7 दिनों के बाद)पेट में तेज दर्दलगातार उल्टीतेजी से साँस लेनेमसूड़ों से खून बहनाथकानबेचैनीउल्टी में खून।इस तरह कर सकते हैं डेंगू से बचावअपने रहने की जगह और उसके आस पास के के क्षेत्र में पूरी तरह सफाई का ध्यान रखना चाहिए। इस तरह मच्छरों को सरलता से दूर रखा जा सकता है।जिन बर्तनों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना हो उनमें रखे हुए पानी को नियमित रूप से बदलते रहें । गमलों के पानी को हर हफ्ते बदलते रहें। मेनहोल, सेप्टिक टैंक, रुकी हुई नालियों आदि जगहों को नियमित रूप से चेक करते रहें।मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर से बचाव वाली क्रीम का उपयोग करें और सोने से पहले मच्छरदानी में सोने का प्रयास करें।

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