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मध्यप्रदेश

महिलाएं गोवर्धन पर्वत बनाकर विधि-विधान से करती हैं पूजा, गायों का भी होता है पूजन

हरदा: बुधवार को जिले में गोवर्धन पूजा का त्योहार पारंपरिक रूप से हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। कृषि प्रधान हरदा जिले में गोवर्धन पूजन को लेकर किसान परिवारों ने गाय के गोबर से अपने घर के मुख्य गेट पर गोवर्धन जी बनाकर विधि विधान से पूजा अर्चना कर पारंपरिक गीत गाए।जिला मुख्यालय के गोलापुरा मोहल्ले में दीपावली के अगले दिन सालों से किसानी से जुड़े परिवार सामूहिक रूप से परिवार के सदस्य गोवर्धन की पूजन करते हैं। सुबह महिलाओं द्वारा घरों के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से गोवर्धन बनाकर उनकी पूजा की जाती है। शाम को परिवार के पुरुषों द्वारा गोवर्धन का पूजन कर हरे राम हरे कृष्णा का कीर्तन करते हुए गेंहू के दानों को छोड़कर परिक्रमा की जाती है।बैलों को पूजते हैंगोलापुरा निवासी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि गालव पूर्व त्यागी समाज के अधिकांश परिवार खेती किसानी से जुड़े हैं। जिसके चलते यहां पूर्वजों के बताए अनुसार, हर साल दीपावली के दूसरे दिन पारंपरिक रूप से गोवर्धन की पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में परिवार के मुखिया के लोटे में जल भरकर एवं शेष सभी सदस्य गेंहू के दाने छोड़ते हुए गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद बैलों की पूजा करते हैं।देश की खुशहाली के लिए पूजा-पाठपरिवार के वरिष्ठ सदस्य गेंदालाल पटेल ने बताया कि खेती किसानी में बैलों की सबसे अहम भूमिका रहती है। जिसके चलते उन्हें रंग रोगन कर सजाया जाता है। फिर परिवार के सभी सदस्य गोवर्धन एवं बैलों की पूजन कर आगामी रबी सीजन में लगाई जाने वाली गेंहू एवं चने की फसल के अच्छे होने के लिए किसानों की सम्रद्धि के साथ देश की खुशहाली की कामना को लेकर यह पूजा की जाती है।

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