ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

आज करवाचौथ पर सुहागिन स्त्रियों द्वारा पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाऐगा निर्जल व्रत

पंचाग व ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चंद्रोदय रात 8 बज कर 32 मिनट पर निकलेगा। हालांकि पहले मौसम विभाग ने आशंका जताई थी कि 13 अक्टूबर काे भी अंचल में बादल छाए रह सकते है। ऐसे में चांद का का दीदार करने में महिलाओं को परेशानी हो सकती है। ऐसा इसलिए भी था क्योंकि पिछले कई दिनों से मौसम खराब चल रहा था। यह रहेगा चांद के उदय होने का समय बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी के अनुसार 13 अक्टूबर दिन गुरुवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ है। करवा चौथ का चंद्रोदय रात में पहाड़ी क्षेत्र में 8:10 पर उदय होगा। वहीं पूर्ण रूप से क्षितिज पर 8:32 पर चंद्रमा दिखाई देगा। कृतिका नक्षत्र रात्रि 7:26 तक रहेगा। उसके बाद रोहिणी नक्षत्र का संचरण और चंद्रमा का उच्च राशि वृषभ में होना वर्ष भर सुहागिन महिलाओं के लिए शुभता प्रदान करेगा। इसके साथ ही सिद्धि योग दोपहर 1:55 तक रहेगा। करवा चौथ का प्रारंभ सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा। शुक्र और बुध कन्या राशि में होने से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। इसके अलावा सूर्य और बुध के साथ होने से बुध आदित्य योग भी रहेगा। वही शनि अपनी राशि मकर में होंगे। और गुरु अपनी राशि मीन में होंगे। तथा बुध अपनी राशि कन्या में रहेंगे। तीनों ग्रह अपनी स्वराशि में रहेंगे। चंद्रमा अपनी उच्च राशि में रहेंगे। इस दिन चंद्र दर्शन व अर्घ देने से धन और सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी। सूर्य ग्रह को आत्मा, चंद्रमा को मन और शुक्र प्रेम का प्रतीक होता है। शुक्र की एक राशि में चंद्रमा मौजूद रहता है। तब दांपत्य जीवन सुखी होता है। इस दिन चंद्रमा के साथ शिव पार्वती की भी आराधना की जावेगी। वही कुंवारी कन्या मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए मां गौरी की पूजा आराधना और व्रत करेंगी। सबसे पहले चंद्र भगवान शिव की नगरी वाराणसी में 8:08 पर और भारत के सबसे अंत में मुंबई में रात 8:58 पर उदय होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button