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मुरैना में दर्दनाक हादसा: थ्रेसर के पट्टे में फंसा कड़ा, मशीन ने युवक के शरीर के किए टुकड़े-टुकड़े
मुरैना: जिले के मोहनपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गेहूं की थ्रेसिंग के दौरान एक मामूली सी लापरवाही जानलेवा साबित हुई। हाथ में पहने एक 'कड़े' की वजह से 28 वर्षीय आदिवासी युवक राम की मशीन में कटकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पोस्टमार्टम के बाद उसकी पत्नी को अंतिम संस्कार के लिए पति के शरीर के नाम पर केवल दो पैर ही मिल सके। कैसे हुआ यह हृदय विदारक हादसा? श्योपुर जिले के कराहल क्षेत्र से मजदूरी करने आए राम आदिवासी बुधवार रात करीब 11 बजे खेत पर थ्रेसर में गेहूं के पूले डाल रहे थे। काम के दौरान अचानक उनके हाथ का कड़ा थ्रेसर के पट्टे में उलझ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, राम मशीन के शक्तिशाली ब्लेडों के बीच खिंच गए। मशीन ने पल भर में उनके कमर से ऊपर के पूरे हिस्से को क्षत-विक्षत कर दिया। प्रमुख बिंदु: शव की स्थिति: थ्रेसर के ब्लेड ने शरीर के ऊपरी हिस्से के इतने टुकड़े किए कि वह पहचान में नहीं आ रहा था। अस्पताल की कार्रवाई: परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच: चिन्नौनी पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। एक चेतावनी भरी घटना यह घटना उन हजारों श्रमिकों के लिए एक चेतावनी है जो फसल कटाई के सीजन में मशीनों के साथ काम करते हैं। काम के दौरान कड़ा, ढीले कपड़े या गमछा गले में डालना मौत को दावत देने जैसा है। राम की मौत ने कुड़ गांव में उसके परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।


