ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मुख्य समाचार

ज्ञानेश कुमार होंगे देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त पीएम मोदी की अध्यक्षता में नाम हुआ फाईनल

नई दिल्ली. देश के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार होंगे. पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सोमवार को नए सीईसी के नाम को फाइनल करने के लिए एक बैठक की. ज्ञानेश कुमार मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की जगह लेंगे. राजीव कुमार मंगलवार यानी 18 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं. इससे पहले सोमवार रात कानून मंत्रालय ने नोटिस जारी करते हुए नए चुनाव आयुक्त के नाम की घोषणा की. 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार अब तक चुनाव आयुक्त के तौर पर जिम्मेदारी देख रहे थे. वे पहले सहकारिता मंत्रालय के सचिव थे और 31 जनवरी 2024 को रिटायर हुए. कुमार अनुच्छेद 370 हटाने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल रहे हैं. उन्होंने गृह मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में भी काम किया है. कुल मिलाकर, कुमार का एक लंबा और प्रभावशाली प्रशासनिक करियर रहा है. राम मंदिर मामले से भी जुड़े थे अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान कुमार की भूमिका बेहद अहम थी. अगस्त 2019 में, वे गृह मंत्रालय में कश्मीर डिवीजन के संयुक्त सचिव थे. इस दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर काम किया. इस संवेदनशील मामले को सुलझाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है. यह उनकी प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण है. 2020 में, ज्ञानेश कुमार को गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया. उन्हें अयोध्या मामले से जुड़े सभी मामलों की जिम्मेदारी दी गई थी. इसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन भी शामिल था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद के सभी कार्य उनकी देखरेख में हुए. यह एक और महत्वपूर्ण भूमिका थी जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button