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हाई कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को लगाई फटकार, कहा-‘निरीक्षक हो, कांस्टेबल बनना चाहते हो।

ग्वालियर। आरौन से 2017 में गायब हुई नाबालिग को ढूंढने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में चल रही बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई में सोमवार को हाई कोर्ट की युगलपीठ ने कड़ी नाराजगी जताई।युगलपीठ के जस्टिस रोहित आर्या ने संबंधित थाने के निरीक्षक और एसडीओपी को जमकर फटकारा। दरअसल इस मामले की सुनवाई बीती 3 जनवरी को हुई थी, जिसके आदेश का पालन संबंधित पुलिस अधिकारियों को करना था, लेकिन उन्होंने 3 जनवरी 2024 के आदेश के पालन में 28 जनवरी का पत्र लिखा।जिस पर फटकार लगाते हुए जस्टिस आर्या ने पुलिस अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि 3 से 28 जनवरी तक उन्होंने क्या किया, जिस कारण से आदेश का पालन देरी से हुआ है। अब इस मामले की सुनवाई 15 फरवरी को होगी। यहां बता दें कि कोर्ट के आदेश पर याचिकाकर्ता और गायब हुई बच्ची के पिता गजेंद्र सिंह चंदेल सहित अन्य आरोपितों का नार्को और बीईओएस टेस्ट किया जा चुका है। इसकी रिपोर्ट 31 मार्च तक मिल सकती है। वहीं जस्टिस आर्या ने रिपोर्ट को जल्दी मंगवाने की भी बात कही है। कोर्ट रूम लाइव (पुलिसकर्मियों से देरी से पत्र जारी करने के लिए जवाब मांगते जस्टिस रोहित आर्या) जस्टिस आर्या: लेटर में 28 जनवरी की जगह 8 कैसे लिखा है? तुम्हारे खिलाफ एक्शन लेना ही पड़ेगा। पुलिस अधिकारी : सर मिस प्रिंट है, वहीं से ऐसा मेल आया है। जस्टिस आर्या : आप हमें गुमराह कर रहे हो। जब खुद नहीं देखा तो हमें क्यों दिखा दिया पत्र? जस्टिस आर्या : किस पद पर हो? पुलिस अधिकारी : सर, निरीक्षक । जस्टिस आर्या : तो कांस्टेबल बनना चाहते हो? आप सभी पोस्ट ऑफिस हो या क्या हो? मामला ऐसे समझें गुना के रहने वाले गजेंद्र चंदेल की शिकायत पर हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई, जिसके अंतर्गत यह सुनवाई चल रही है। इस याचिका में बताया गया है कि 1 अगस्त 2017 से गजेंद्र की नाबालिग बेटी लापता है। बेटी के गायब होने के 10 दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद अब तक नाबालिक का कोई पता नहीं चला है। इस मामले में पुलिस को भी कोर्ट की अच्छी खासी नाराजगी झेलना पड़ी है। वहीं मामले के आरोपित सोनू कलावत का नार्को टेस्ट गांधीनगर की फॉरेंसिक लैब में कराया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपित सविता बाई का नार्को और नीलम चिदर का ब्रेन इलेक्ट्रॉनिक ऑसिलेशन सिग्नेचर टेस्ट करवाया गया है। इस मामले में अन्य आरोपित जितेंद्र और याचिकाकर्ता का नार्को टेस्ट भी 26 दिसंबर 2023 में करवाया जा चुका है। इन सभी की रिपोर्ट आना बाकी है

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