ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
छत्तीसगढ़

किसानों के खाते में एकमुश्त आएगी रकम, सीएम विष्णुदेव साय ने कर दिया ऐलान, जानिए कब मिलेगी सौगात

रायपुरः  छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के तहत एक नवंबर 2023 से धान खरीदी का अभियान निरंतर जारी है। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष मोदी की गारंटी के अनुरूप किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा अब तक किसानों से 121.47 लाख मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा चुकी है। धान के एवज में किसानों को 26482 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान बैंक के माध्यम से किया गया है। लेकिन इस बीच सीएम विष्णुदेव साय ने धान खरीदी और अंतर की राशि के भुगतान को लेकर बड़ी बात कही है।

सीएम विष्णुदेव साय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए पहले ही दिन से जुटे हुए हैं। हमने आवास, धान खरीदी, बोनस का वादा पूरा कर दिया है। वहीं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर उन्होंने कहा कि हम 130 लाख टन धान खरीद चुके हैं, हमारा 130 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य पूरा हो चुका है। उन्होंने धान के समर्थन मूल्य के बाद किसानों को भुगतान किए जाने वाली अंतर की राशि को लेकर कहा कि जल्द ही अंतर की राशि किसानों को भुगतान किया जाएगा।

बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान विक्रय का लाभ पूर्व में धान बेच चुके किसानों को भी मिलेगा। इसका आशय यह है कि एक नवम्बर से अब तक पूर्व निर्धारित मात्रा के अनुरूप धान बेच चुके किसान, शेष मात्रा का धान, उपार्जन केन्द्र में 31 जनवरी तक बेच सकेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 130 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

Related Articles

Back to top button