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मध्यप्रदेश

मोबाइल एप से लगेगा बिजली चोरी पर अंकुश, गड़बड़ी रोकने में मिलेगी मदद

भोपाल। अब बिजली चोरी रोकने के लिए मप्र मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मोबाइल एप की मदद लेगी। इसके उपयोग से बिजली संबंधी अन्य गड़बड़ी पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। विद्युत वितरण कंपनी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बिजली चोरी पकड़ने और गड़बड़ी को रोकने के लिए मोबाइल एप का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरों का डिजिटल पंचनामा बनाया जाएगा।

चोरी का डिजिटल पंचनामा

जानकारी के अनुसार कंपनी ने एक ऐसा एप तैयार किया है, जिस पर ही बिजली चोरों के डिजिटल हस्ताक्षर लिए जाएंगे और प्रकरण रियल टाइम में बिजली साफ्टवेयर के सर्वर में दर्ज हो जाएगा। इससे बिजली कर्मचारी भी बिल में कोई गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे। यह एप जीपीएस से जुड़ा है। जिसमें पंचनामों का दिन, समय व तारीखें सभी स्वत: दर्ज हो जाती हैं।

तीन महीने में न्यूनतम स्तर पर लाना है लाइन लास

बिजली अफसरों को तीन माह में लाइन लास को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए कहा गया है। बिजली चोरी बहुल क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान के साथ बकाया राशि की वसूली भी होगी। अभी भोपाल में कई क्षेत्रों में 45 प्रतिशत तक बिजली चोरी होती है। पुराना शहर इसमें सबसे आगे हैं। 15 प्रतिशत के लास को तकनीकी लास मानते हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए डिजिटल पंचनामे की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जा रहा है। एप पर ही पूरा प्रकरण दर्ज होगा। इसमें किसी तरह का हेरफेर नहीं हो सकेगा। अभी पंचनामा आफलाइन बनाए जाते हैं, जिसकी एक प्रति संबंधित व्यक्ति को भी उपलब्ध कराई जाती है।

इनका कहना है

बिजली बिल में पारदर्शिता के लिए डिजिटल पंचनामों पर जोर दिया जा रहा है। ताकि बिजली आपूर्ति और व्यवस्था में सुधार हो सके। इससे जांच दल पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।

– जीएस मिश्रा, एमडी, मप्र मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

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