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मध्यप्रदेश

पूर्व पार्षद रत्नाकर पर पुलिस को करना ही पड़ी एफआइआर दर्ज

ग्वालियर। ग्वालियर थाने के पुलिसकर्मियों से बदसलूकी करने वाले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व पार्षद गुड्डू रत्नाकर पर आखिर पुलिस को एफआइआर करना ही पड़ी। पूर्व पार्षद ने पुलिसकर्मियों को जूते मारने जैसे अपशब्द कहे थे। पिछले 48 घंटे से जिस घटना के प्रति पुलिस अधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक में गुस्सा था, लेकिन सख्त कार्रवाई का निर्णय नहीं कर पा रहे थे। अंतत: वह हुआ और 48 घंटे बाद इस मामले में सोमवार रात को ग्वालियर थाना पुलिस ने पूर्व पार्षद गुड्डू रत्नाकर, उसके चचेरे भाई दिनेश खटीक और जिस किशोर से अवैध शराब पकड़ी थी उस पर एफआइआर दर्ज की।

एएसपी गजेंद्र सिंह वर्धमान के अनुसार सिपाही विवेक तोमर की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, बदसलूकी करने और धमकाने की धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। यह था मामला: 30 दिसंबर को ग्वालियर थाने में पदस्थ सिपाही विवेक तोमर, राहुल भदौरिया, बृज भदौरिया गोसपुरा नंबर-एक में अवैध शराब बिकने और हंगामे की सूचना पर पहुंचे थे। यहां अनुज खटीक को पकड़ा, वह पुलिस से बचने भागा। उसके पास से अवैध शराब के क्वार्टर मिले। उसने शोर मचाया और स्वजन को बुला लिया। फिर गुड्डू का भाई दिनेश आया। भीड़ इकट्ठी हो गई, पुलिसकर्मियों का विरोध किया। युवती, महिलाएं भी आ गईं, तभी गुड़्डू रत्नाकर आ गया। उसने पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की। पुलिसकर्मियों को जूते मारने की धमकी दी, युवती से कहा- बोल इसने सीने पर हाथ मारा। पुलिसकर्मियों को दो कौड़ी का तक कह दिया था।

नईदुनिया ने प्रमुखता से उठाया था मुददा

नईदुनिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। अधिकारी इस मामले को लेकर उलझन में थे लेकिन मुददा उठने के बाद आखिरकार एफआइआर करना पड़ गई। यह मुददा बहुप्रसारित भी हुआ। एएसपी गजेंद्र सिंह वर्धमान पर इस मामले की जांच थी। सोमवार को ही जांच पूरी हो गई और एफआइआर का निर्णय हुआ। ग्वालियर थाने में एफआइआर दर्ज की गई। इस मामले में माननीयों ने हस्तक्षेप भी किया था लेकिन पूर्व पार्षद की हकीकत पता चलते ही हाथ पीछे खींच लिए।

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