ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

नगर निगम डेयरी संचालकों को थमा रहा नोटिस, शहर से बाहर बसने 15 जनवरी तक मोहलत

भोपाल। शहर के भीतर संचालित हो रही दुग्ध डेयरियों को बाहर करने के लिए नगर निगम द्वारा कार्रवाई शुरू की गई है। कार्रवाई के पहले चरण में निगम अमला सभी डेयरी संचालकों को नोटिस थमा रहा है। इससे वह स्वयं ही अपनी डेयरियां शहर से बाहर विस्थापित कर लें। इसके लिए उनके 15 जनवरी तक का समय भी दिया गया है। बता दें कि शहर में कुल 775 डेयरियां संचालित की जा रही है। नोटिस देने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।

संस्कृति बचाओ मंच ने किया विरोध

नगर निगम की डेयरियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि कोई व्यक्ति यदि अपने स्वयं के लिए गोपालन कर रहा है और दुग्ध का व्यवसाय नहीं कर रहा है तो उसको नोटिस देने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं निगम अधिकारियों का तर्क है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में छह स्थानों पर डेयरी विस्थापन के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। वहां डेयरी संचालक नगर निगम में महज विकास शुल्क जमा करके अपनी डेयरी के लिए जमीन आवंटित करा सकते हैं।

पहले भी हुई है कार्रवाई

शहरी क्षेत्र से डेरियों को हटाने के लिए पहली बार नोटिस दिए गए हो ऐसा नहीं है। इससे पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद डेरियों का विस्थापन नहीं किया जा सका है।

Related Articles

Back to top button