ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
धार्मिक

गुरु पुष्य नक्षत्र में जरूर करें ये खास उपाय, हर मनोकामना होगी पूरी

इंदौर।  ज्योतिष शास्त्र में गुरु पुष्य नक्षत्र को शुभ माना जाता है। इस महीने 29 दिसंबर को साल का आखिरी गुरु पुष्य योग बनेगा। कहा जाता है कि इस शुभ दिन पर लोग विशेष रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। साथ ही इस दिन कई लोग खरीदारी और नए काम की शुरुआत करते हैं। आइए, जाने इस दौरान किए जाने वाले कौन-से उपाय शुभ फल देते हैं।

बेहद लाभकारी है गुरु पुष्य योग

  • इस दिन कोई भी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य शुरू कर सकते हैं।
  • इस दिन आप कोई नया वाहन खरीद सकते हैं।
  • इस शुभ दिन पर सोना और अन्य आभूषण खरीदना लाभकारी माना जाता है।
  • गुरु पुष्य योग में नया व्यवसाय शुरू करना शुभ होता है।
  • इस दिन जमीन, संपत्ति और मकान खरीदना भी शुभ माना जाता है।
  • यह दिन गृह प्रवेश के लिए भी उत्तम माना जाता है।

गुरु पुष्य योग पर करें ये उपाय

  • इस नक्षत्र में पीला नीलम धारण करना उत्तम माना जाता है।
  • इस दिन सत्यनारायण पूजा और हवन करना चाहिए।
  • इस खास दिन पर लोग श्री यंत्र पूजा और लक्ष्मी पूजा भी करते हैं।
  • इस दिन मंदिर में जाकर केले के नीचे जल, चने की दाल और गुड़ चढ़ाना चाहिए।

गुरु पुष्य योग पर करें इन मंत्रों का जाप

ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:।

लक्ष्मी नारायण नम:।

पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्।

ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button