ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
दिल्ली NCR

निलंबन के बावजूद सदन में मौजूद रहे डेरेक…अब मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजा गया

नई दिल्ली:  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्य डेरेक ओब्रायन के निलंबन को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और हंगामे के कारण बैठक अंतत: दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

भोजनावकाश के बाद तीन बार के स्थगन के बाद शाम चार बजे जब राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो सभापति जगदीप धनखड़ ने निलंबन संबंधी पारित प्रस्ताव के अनुपालन में ओब्रायन को सदन से बाहर जाने को कहा।

धनखड़ ने कहा कि निलंबन के बावजूद ओब्रायन का सदन में बने रहना गंभीर उल्लंघन है और यह जानबूझकर आदेश की अवहेलना है। इसके बाद सदन के नेता पीयूष गोयल ने नियम 192 के तहत इस मुद्दे को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूर कर लिया।

 धनखड़ ने कहा कि प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है और यह मामला राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाता है जो तीन महीने की अवधि के भीतर इस विषय पर गौर कर अपनी रिपोर्ट देगी। धनखड़ ने फिर से ओब्रायन से आग्रह किया कि वह सदन से बाहर चले जाएं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस दौरान विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा और सभापति ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

Related Articles

Back to top button