ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
धार्मिक

क्या आप भी पूजा घर में रखते हैं जली हुई माचिस, भूलकर भी ना करें यह गलती, होगा बड़ा नुकसान

इंदौर। वास्तु शास्त्र में पूजा घर का महत्व है। सनातन धर्म प्रेमी अपने दिन की शुरुआत देवी-देवता की पूजा-अर्चना से करते हैं। पूजा घर से निकलने वाली ऊर्जा से खुशहाली बनी रहती है। पॉजिटिव एनर्जी बनाए रखने के लिए देवघर के कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यह पता होना चाहिए कि मंदिर में कौन सी चीजें नहीं रखनी चाहिए। अक्सर हम माचिस की तीली से दीपक जलाते हैं और जली हुई तीली वहीं रख देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में जली हुई माचिस की तीली फेंकनी नहीं चाहिए।

यदि आप वास्तु शास्त्र के नीचे दिए गए बातों का पालन करेंगे तो जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।

पूजा घर के मंदिर में देवी-देवताओं के चित्र और तस्वीरों के बीच थोड़ी दूर रखें। भगवान के रौद्र रूप की मूर्ति या फोटो नहीं रखनी चाहिए।

घर के मंदिर में खंडित मूर्तियां और कटी-फटी धार्मिक पुस्तकें नहीं रखनी चाहिए। इसे अशुभ माना जाता है।

पूजा घर में कभी भी जली हुई माचिस की तीली, बाति और सूखे फूल न रखें। इससे नकारात्मकता बढ़ती है।

घर के मंदिर में अंगूठे से बड़ा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। वहीं, देवी लक्ष्मी की बैठी हुई मूर्ति रखनी चाहिए।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button