ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
धार्मिक

शरद पूर्णिमा 28 अक्टूबर को, धन लाभ चाहते हैं तो ऐसे करें देवी लक्ष्मी की पूजा

इंदौर। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। पौराणिक मान्यता है कि हर माह पूर्णिमा तिथि पर व्रत रखने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती है। वहीं सभी पूर्णिमा व्रत में भी शरद पूर्णिमा तिथि को सर्वोत्तम माना गया है और इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ-साथ चंद्र देव की पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल शरद पूर्णिमा 28 अक्टूबर को मनाई जाएगी और इस दिन रात में चंद्र ग्रहण लगने के कारण इस तिथि का महत्व बढ़ गया है।

चंद्रमा से बरसता है अमृत

पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से मन और मस्तिष्क को शांति और शीतलता प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणें अमृत बरसाती हैं और यही कारण है कि शरद पूर्णिमा की रात को खीर पीने का विशेष महत्व है, लेकिन 28 अक्टूबर को चंद्र ग्रहण होने के कारण रात में खीर पीना शुभ नहीं होगा।

समुद्र मंथन से प्रकट हुई थी देवी लक्ष्मी

हिंदू पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक शरद पूर्णिमा के दिन ही मां लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थी। इस कारण से शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। देश में कई स्थानों पर शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करते समय पान के पत्ते का उपयोग करना चाहिए। शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा करने के बाद लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए। पौराणिक मान्यता है कि इंद्र देव ने भी मां लक्ष्मी की स्तुति करने के लिए लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ किया था। इसका पाठ करने से अपार धन-वैभव की प्राप्ति होती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button