ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

मन में हैं विश्वास, नदी- तालाब होंगे साफ

बिलासपुर। एनई रेलवे कालोनी के श्री शिवाय नमस्तुभ्यं परिवार के सदस्य नदी- तालाब को स्वच्छ रखने के लिए आगे हैं। सदस्यों ने एक रथ की शुरूआत की है, जो हर शुक्रवार को रेलवे की सभी कालोनियों में भ्रमण कर निर्माल्य को एकत्र करता है, ताकि इनका विसर्जन नदी या तालाबों में न हो। उन्हें विश्वास है कि उनका यह योगदान भी नदी- तालाब को स्वच्छ रखने में सहयोग प्रदान करेगा।

मंदिरों से लेकर घरों में पूजा- अर्चना की जाती है। इस दौरान पूजन व हवन सामग्रियों का उपयोग भी किया जाता है। जिनमें फूल, अगरबत्ती, बेलपत्ती, दूबी आदि सामाग्रियां होती है। जब यह सामान बासी हो जाते हैं, उन्हें एकत्र कर नजदीक की नदी या तालाबों में विसर्जन कर देते हैं। लेकिन, किसी को इतना सोचने की फुर्सत नहीं है कि जल स्रोतों पर इसका कितना दुष्प्रभाव पड़ेगा। जल स्रोत प्रदूषित होंगे तो इसका विपरित प्रभाव जनजीवन पर पड़ेगा।

इसे देखते हुए और जल संरक्षण के लिए श्री शिवाय नमस्तुभ्यं परिवार के सदस्य दिलीप कुमार चौरसिया, आरजे शर्मा, शंकुतला, चंपा समेत अन्य सदस्यों ने यह प्रयास किया है। परिवार के सदस्य दिलीप कुमार चौरसिया बताते हैं कि जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए निर्माल्य विसर्जन रथ चलाने की योजना बनाई गई। इसके लिए सभी सदस्य सामने आए। यह रथ प्रत्येक शुक्रवार को रेलवे की सभी कालोनियों में जाकर वहां से सामाग्री एकत्र करता है। इस दौरान परिवार के सदस्य में रहते हैं। लोगों से अपील की जाती है।

ऐसे किया जाता है विसर्जन

घरों से पूजा- पाठ में उपयोग की गई सामग्री इकट्ठा करने के बाद रथ उस जगह पर पहुंचता है, जहां इन्हें डालने के लिए एक बड़ा गड्डा किया गया है। अरपा नदी के किनारे परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में इस गड्ढे में सामग्री को डाल दी जाती है।

Related Articles

Back to top button