ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

नूंह हिंसा के 2 आरोपियों का Encounter, सिलखो गांव में छिपे थे दंगाई

नूंह : नूंह हिंसा के बाद हरियाणा पुलिस लगातार एक्शन में है। पुलिस ने नूंह हिंसा के दो आरोपियों का एनकाउंटर किया है। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है। आरोपी को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों मुनसैद और सैकूल को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। एनकाउंटर में सैकुल के पैर में गोली लगी  है।

दोनों आरोपी मुनसेद और सेकुल सिलखो गांव में छिपे थे। कहा जा रहा है कि इन आरोपियों ने पहले क्राइम ब्रांच तावडू के प्रभारी संदीप मोर की टीम पर गोली चलाई थी जिसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस की गोली सैकुल के पांव में लगी पुलिस ने बहरहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि हरियाणा के मेवात-नूंह में 31 जुलाई को ब्रजमंडल यात्रा निकाली गई थी। इसी दौरान यात्रा पर पथराव हो गया था। देखते ही देखते यह दो समुदायों में हिंसा में बदल गई और कई कारों को आग लगा दी गई थी। उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया था। नूंह के बाद सोहना में भी पथराव और फायरिंग हुई थी। नूंह हिंसा में दो होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद नूंह, फरीदाबाद, पलवल समेत कई जगहों पर इंटरनेट बंद कर दिया गया था। इसके अलावा नूंह में कर्फ्यू लगाया गया था।

9 जिलों में धारा 144 और नूंह में कर्फ्यू लगाया गया था। इसके साथ ही अभी तक अकेले नूंह में ही 57 FIR दर्ज हो चुकी है, जिसमें 188 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इतना ही नहीं कुछ दिनों तक पलवल, गुरुग्राम के सोहना और फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में नेट भी बंद करना पड़ा था। नूंह में अभी भी 11 अगस्त की रात 12 बजे तक नेट बंद और कर्फ्यू लागू है।

हिंसा के बाद नूंह में सरकार का बुलडोजर एक्शन चल रहा था। सोमवार को हाईकोर्ट ने इसका सुओ-मोटो लेते हुए रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि क्या सरकार कानून की आड़ में जातीय संहार कर रही है। जिसके बाद नूंह के DC धीरेंद्र खड़गटा ने सारे अधिकारियों से कार्रवाई रुकवा दी। हालांकि, तब तक 3 दिनों में नूंह में 753 से ज्यादा घर-दुकान, शोरूम, झुग्गियां और होटल गिराए जा चुके हैं। 37 जगहों पर कार्रवाई करके 57.5 एकड़ जमीन खाली करा दी गई थी। प्रशासन ने इन्हें अवैध बताते हुए कहा कि इनमें रहने वाले 31 जुलाई की हिंसा में शामिल थे।

Related Articles

Back to top button