प्रधानमंत्री 12 अगस्त को दिखा सकते हैं दमोह से नागपुर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी स्वीकृति का इंतजार
जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल के यात्रियों को नागपुर जाने-आने के लिए एक और ट्रेन मिलने जा रही है। इस ट्रेन को चलाने की रेलवे ने तैयारी पूरी हो गई है। इसे दमोह से नागपुर के बीच चलाया जाएगा, जो दमोह से भोपाल, इटारसी से होकर नागपुर तक जाएगी। जबलपुर रेल मंडल ने ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। संभावना है कि इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 अगस्त को सागर से हरी झंडी दिखा सकते हैं।
रेल रूट को लेकर आपत्ति
वहीं दूसरी ओर ट्रेन के रूट हो लेकर जबलपुर समेत आसपास के यात्री और यात्री सुविधा संगठन ने अपत्ति की है। उनका मांग है कि इस ट्रेन को दमोह से कटनी होते हुए जबलपुर-बालाघाट-गोंदिया से नागपुर ले जाया जाए, ताकि इसका फायदा कटनी, जबलपुर, बालाघाट के यात्रियों को भी मिले।
सांसदों की बैठक में उठी थी मांग
जबलपुर रेल मंडल और सांसदों के बीच हुई बैठक में दमोह से नागपुर के बीच ट्रेन चलाने की मांग उठी थी। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने दमोह और इसके आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए नागपुर जाने के लिए इस ट्रेन की जरूरत बताई। इसके बाद जबलपुर रेल मंडल से ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे को भेजा। इस प्रस्ताव को तैयार करने के दौरान रेलवे रूट को लेकर संशय में था। इसके बाद ट्रेन चलाने की तकनीक पहलुओं का अध्ययन किया गया और यह निर्णय लिया कि इस ट्रेन को जबलपुर से होकर चलाने की बजाए सागर, भोपाल, इटारसी होकर चलाया जाए, लेकिन अब इस रूट को लेकर यात्रियों की अपत्ति आ रही है।
रूट खाली न होने से आ रही दिक्कत
रेलवे के जानकारों का कहना है कि दमोह-नागपुर स्पेशल ट्रेन चलाने से पूर्व रेलवे ट्रैक, ट्रैफिक और यात्री संख्या का सर्वे किया गया। इस दौरान दमोह से कटनी-जबलपुर होकर इस ट्रेन को चलाने के लिए ट्रैक खाली मिल रहा है। वहीं दमोह से सागर, भोपाल, इटारसी के बीच तीसरी रेल लाइन बन जाने के बाद यहां से ट्रेन चलाने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे ने यह रूट तय कर दिया। इधर क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्यों ने इस रूट को लेकर अपत्ति की है। समिति के सदस्यों का कहना है कि 25 अगस्त को होने जा रही समिति की बैठक में इस ट्रेन के रूट पर अपत्ति दर्ज की जाएगी। इसे जबलपुर से बालाघाट-गोंदिया चलाने से इसका फायदा सभी यात्री को मिलेगा।
सफर और किराया होगा काम
क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य डा. सुनील मिश्रा का कहना है कि जबलपुर से भले ही नागपुर के लिए ट्रेन चल रही है, लेकिन अभी तक बालाघाट-गोंदिया से होकर ट्रेनों को चलाने को लेकर रेलवे ने कोई अहम कदम नहीं उठाया है। दमोह से नागपुर के बीच चलाई जा रही ट्रेन को कटनी, जबलपुर, गोंदिया होकर चलाया जाए। इससे ट्रेन का सफर कम होगा और लोगों को किराया भी कम लगेगा। वहीं दमोह के साथ कटनी, नैनपुर, बालाघाट, गोंदिया के यात्रियों को भी इसका फायदा मिलेगा। जबकि इस ट्रेन को भोपाल से इटारसी होकर चलाने से सफर का समय अधिक होकर और किराया भी ज्यादा होगा। इस रूट पर पहले से ही कई ट्रेन हैं, इस वजह से यात्री भी नहीं मिलेंगे।
इनका कहना है…
जबलपुर रेल मंडल में दमोह से नागपुर के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। इसे दमोह, भोपाल, इटारसी होकर चलाने का प्रस्ताव है। ट्रेन चलाने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड से अभी नहीं मिली है।-राहुल श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पमरे




