ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

बृजभूषण सिंह को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं दिल्ली पुलिस का दावा

 बृज भूषण सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे पहलवानों की परेशानी और बढ़ सकती है। दिल्ली पुलिस के टॉप सूत्रों के मुताबिक पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में अब तक पुलिस को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सहायक सबूत नहीं मिले हैं। शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस 15 दिनों के भीतर मामले पर अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करेगी। इस रिपोर्ट, चार्जशीट भी हो सकती है और अंतिम रिपोर्ट भी दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने आगे कहा कि पहलवानों के दावे को साबित करने के लिए कोई सहायक सबूत नहीं है।

नहीं मिले पुख्ता सबूत

पुलिस के मुताबिक प्राथमिकी में जोड़े गए POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012) की धाराओं में सात साल से कम के कारावास की सजा है। इसलिए जांच अधिकारी (IO) गिरफ्तारी नहीं कर सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि बृजभूषण सिंह किसी भी तरह ना तो गवाहों को प्रभावित कर रहा है और न ही सबूत नष्ट कर रहा है। बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है। इसमें एक एफआईआर नाबालिग से यौन शोषण को लेकर है, जिसमें पॉक्सो एक्ट लगाया गया है जबकि दूसरी एफआईआर अन्य पहलवानों की शिकायत पर दर्ज की गई है।

महिला आयोग का नोटिस

उधर, दिल्ली महिला आयोग (DCW) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में डीसीपी, नई दिल्ली को समन जारी किया है। दरअसल, कुछ दिनों पहले एक शख्स ने खुद को नाबालिग लड़की का चाचा बताकर उससे जुड़े कागजात प्रेस के सामने रखे थे। इसमें उस शख्स ने दावा किया था कि आरोप लगाने वाली लड़की नाबालिग नहीं है।

Related Articles

Back to top button