सोमवार के दिन पहनना चाहिए इस रंग कपड़े भगवान शिव की कृपा से बनने लगेंगे अटके हुए काम
सनातन धर्म ग्रंथों के आधार पर सप्ताह के हर एक दिन का स्वामी 1 ग्रह होता है। उसके शुभ प्रभाव के लिए उस ग्रह के अनुसार विशेष रंग के कपड़े पहनने चाहिए। जिससे दोष दूर होते हैं और मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। वहीं, सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होते हैं। कुंडली के अच्छे-बुरे ग्रह आपके कपड़ों के रंग से भी प्रभावित होते हैं। आइये जानते हैं आपको किस दिन किस रंगे कपड़े पहनना चाहिए।
दिन के अनुसार कपड़ों के रंग
रविवार
यह दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित होता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार गुरुवार के बाद सप्ताह का यह दूसरा सबसे शुभ दिन माना गया है। इस दिन गुलाबी, नारंगी, लाल और सुनहरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
सोमवार
यह दिन भगवान महादेव का समर्पित होता है। इस का संबंध चंद्र देव से होता है। सोमवार को सफेद, सिल्वर और हल्के रंग के वस्त्र पहनना अति शुभ माना गया है।
मंगलवार
इस दिन का संबंध हनुमान जी महाराज से होता है। मंगलवार को मंगल देव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवा, संतरा पीला, सिंदूरी जैसे वस्त्र पहनने को शुभ माना गया है।
बुधवार
बुधवार के दिन प्रथम पूज्य गणेश भगवान और ग्रहों के राजकुमार बुध देव का दिन होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन हरा रंग पहनने से जीवन में शांति, संपन्नता और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
गुरुवार
गुरुवार का दिन देवों के गुरु बृहस्पति देव का दिन माना जाता है। इस दिन पीला, नारंगी और संतरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है।
शुक्रवार
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी के साथ शुक्र देव का दिन भी माना जाता है। इस दिन सफेद, लाल, गुलाबी वस्त्र धारण करने चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति को धन, समृद्धि के साथ ऐश्वर्य और खुशी की प्राप्ति होती है।
शनिवार
यह दिन न्याय के देवता शनि देव और भैरव नाथ का दिन भी माना जाता है। इस दिन गहरा काला, गहरा नीला, गहरा भूरा या जामुनी रंग के वस्त्र पहनने से व्यक्ति में आत्मविश्वास और साहस की वृद्धि होती है।
डिसक्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी/ सामग्री/ गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ धार्मिक मान्यताओं/ धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।




