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सरकार से नाराज महिला कर्मचारी जबलपुर से भोपाल आएंगी, मुंडन करवाएंगी।

मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में लगभग 2 महीने से प्रदर्शन कर रहे ग्राम रोजगार सहायकों ने अब भोपाल में प्रदर्शन करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि जबलपुर में प्रदर्शन करने से सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है परंतु जब राजधानी ग्राम रोजगार सहायकों का जमावड़ा लगेगा, तब जरूर सरकार पर असर पड़ेगा। इस प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला कर्मचारी मुंडन भी करवाएंगी। मध्य प्रदेश के ग्राम रोजगार सहायक भोपाल में आमरण अनशन करेंगे ग्राम रोजगार सहायक प्रदेश संघ के महासचिव श्री जितेंद्र पटेल ने कहा कि अगर सरकार 7 दिन के अंदर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा। राजधानी भोपाल में आमरण अनशन किया जाएगा। कई पुरुष एवं महिला कर्मचारियों द्वारा मुंडन करवाया जाएगा। जब तक सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा। खबर मिली है कि ग्राम पंचायतों के सचिव होने में काम करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि लाडली बहना योजना के समय काफी वर्क लोड था। छुट्टी तो दूर की बात खाना खाने का मौका नहीं मिला। बिना रोजगार सहायक के काम नहीं कर पाएंगे। मध्यप्रदेश में ग्राम रोजगार सहायक क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ग्राम रोजगार सहायक को महज 9 हजार प्रति माह का वेतन मिल रहा है, जबकि वह ग्राम पंचायत स्तर की समस्त योजनाओं का संचालन करते हैं। जिला संवर्ग में संविलियन और 90 फीसदी मानदेय दिया जाना चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति वर्क फ्रॉम होम बेस पर की गई है। जो जिस गांव में रहता है उसी ग्राम पंचायत में उसकी नियुक्ति की गई है। उसे जिला संवर्ग में संविलियन नहीं किया जा सकता और ना ही वेतन दिया जा सकता है। जो ₹9000 मिल रहे हैं, वह मानदेय है, सैलरी नहीं है।

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