ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

फेक न्यूज फैला रहे 3 चैनल को यूट्यूब ने हटाया, सरकार ने दिए थे निर्देश

नई दिल्ली| फर्जी खबर फैला रहे लाखों सब्सक्राइबर वाले 3 यूट्यूब चैनलों न्यूज हेडलाइन्स, सरकारी अपडेट और आजतक लाइव का मंगलवार को पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने भंडाफोड़ किया था। अब यूट्यूब ने इन तीनों चैनलों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए इनके सभी फर्जी वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। एक दिन पहले ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब को इन चैनलों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

जानकारी के मुताबिक यूट्यूब ने इन चैनलों के सभी फर्जी वीडियो डिलीट करते हुए इन्हें हटा दिया है। मंत्रालय की तरफ से ये जानकारी दी गई है। दरअसल मंत्रालय की फैक्ट चैक यूनिट ने मंगलवार को 40 से अधिक तथ्य-जांच की एक श्रृंखला में तीन यूट्यूब चैनलों का भंडाफोड़ किया था। ये चैनल भारत में गलत सूचना फैला रहे थे।

मंत्रालय के मुताबिक इन चैनलों के लगभग 33 लाख सब्सक्राइबर थे और उनके वीडियो, जिनमें से लगभग सभी झूठे पाए गए को 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया था। ये यूट्यूब चैनल प्रधानमंत्री, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, भारत के मुख्य न्यायाधीश, सरकारी योजनाओं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, कृषि ऋण माफी आदि के बारे में झूठे और सनसनीखेज दावे फैला रहे थे।

गौरतलब है कि यह पहली बार था जब पीआईबी ने झूठे दावों को फैलाने वाले पूरे यूट्यूब चैनल का पर्दाफाश किया। इसके पहले ऐसा सोशल मीडिया पर अलग-अलग पोस्ट के खिलाफ किया जाता था। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा पिछले एक साल में 100 से ज्यादा चैनलों को ब्लॉक किए जाने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने यह कार्रवाई की थी।

Related Articles

Back to top button