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पंजाब

लाखों रुपए और आईफोन रिश्वत में लेने के आरोप, 5 को भगौड़ा घोषित करने की तैयारी

लुधियाना: सुखविंदर सिंह गिल मौजूदा DFSC लुधियाना पश्चिमी और हरवीन कौर मौजूदा DFSC लुधियाना पूर्वीपंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा लुधियाना ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाला मामले में 2 DFSC गिरफ्तार कर लिए गए हैं। वहीं विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व DFSC आरके सिंगला, पंकज कुमार उर्फ मीनू मल्होत्रा और इंद्रजीत सिंह उर्फ इंदी को भगौड़ा घोषित करने की अदालती कार्रवाई शुरू कर दी है।विजिलेंस ब्यूरों के प्रवक्ता ने बताया कि ठेकेदार तेलू राम, जगरूप सिंह, संदीप भाटिया और गुरदास राम एंड कंपनी के मालिकों और पार्टनर सहित पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा विभिन्न अनाज मंडियों में लेबर और ढुलाई के टेंडर जारी करने के लिए संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ FIR 16 अगस्त 2022 को दर्ज की गई थी।उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी तेलूराम, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, कृष्ण लाल धोतीवाला और अनिल जैन (दोनों आढ़ती) पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपी ज्यूडिशियल हिरासत में है। इसके अलावा विजिलेंस ब्यूरो द्वारा पहले ही भारत भूषण आशू, तेलू राम और कृष्ण लाल के खिलाफ लुधियाना की अदालत में पेश किया जा चुका है।इसी मामले में आज विजिलेंस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सुखविंदर सिंह गिल मौजूदा DFSC लुधियाना पश्चिमी और हरवीन कौर मौजूदा DFSC लुधियाना पूर्वी शामिल हैं, जो इस समय सुखविंदर सिंह गिल DFSC फरीदकोट और हरवीन कौर DFSC जालंधर तैनात हैं।उन्होंने कहा कि उक्त टेंडरों की अलॉटमेंट के समय यह आरोपी जिला टेंडर कमेटी के सदस्य/कन्वीनर थे। वह कमेटी के अन्य सदस्यों के साथ टेंडरों के साथ संबंधित दस्तावेजों की जांच करने के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें ट्रांसपोर्ट वाहनों की सूची भी शामिल थी। उन्होंने जानबूझ कर वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबरों की जांच नहीं करवाई क्योंकि वाहनों की नत्थी सूची में स्कूटरों, मोटर साइकिलों आदि के नंबर लिखे गए हैं।उन्होंने कहा कि ठेकेदारों द्वारा गलत दस्तावेज पेश करने के बावजूद उपरोक्त अधिकारियों ने चहेते व्यक्तियों और ठेकेदारों से रिश्वत लेकर टेंडर अलॉट कर दिए। वक्ता ने बताया कि जांच के अनुसार सुखविंदर सिंह ने 2 लाख रुपए और एक आईफोन रिश्वत के रूप में लिया था और हरवीन कौर ने तेलू राम ठेकेदार का पक्ष लेने के लिए 3 लाख रुपए रिश्वत के लिए थे। अब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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