ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
हरियाणा

पानी की खपत को कम करने के उपाय तलाश रही; हर केमिकल के प्रयोग पर शोध

पानीपत: हरियाणा के पानीपत शहर के उद्योगों में हर रोज आठ करोड़ लीटर पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पानीपत डार्क जोन में जा रहा है। पानी की खपत को कम कैसे किया जाए। इस पर विभिन्न NGO और कंपनियां सर्वे भी कर रही है। इसी के लिए उद्यमी ZLD प्रोजेक्ट की भी मांग कर रहे हैं।पानी की खपत कैसे कम हो, इसके लिए स्विटजरलैंड की NGO उद्योगों में सर्वे रही है। किन केमिकल के प्रयोग से पानी की खपत ज्यादा हो रही है। किन केमिकल के प्रयोग से पानी की खपत कम होगी। इसी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।उद्यमियों की इसकी जानकारी देने के लिए सेक्टर 25 स्थित एक होटल में वर्कशॉप का आयोजन ‌भी किया गया। इसमें उद्यमियों को जर्मन फेडरल एनवायरनमेंट एजेंसी (ऊबा) और डॉयचे गेसेलशाफ्ट फीर इंटरनेशनेल जुसम्मेनारबीट (जीआईजेड) के सदस्यों ने डाइंग इंडस्ट्रियों से डाई प्रोसेस, पानी की खपत को लेकर रिपोर्ट मांगी।ड्रांइिंग में प्रयोग पानी को दोबारा इस्तेमाल में लाने के लिए प्लांट में इकट्‌ठा किया जाता है।जितना केमिकल का उपयोग, उतनी बढ़ेगी पानी की खपतहरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कमलजीत सैनी ने बताया कि वर्कशॉप में केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से रिषभ, अमित तिवारी और दिल्ली की रेमके कंसल्टेंसी सर्विसेज ने भी भाग लिया। जितना केमिकल का इस्तेमाल किया जाएगा, उतनी ही पानी की खपत बढ़ेगी।इसलिए केमिकल के इस्तेमाल को कम करना जरूरी है। स्विटजरलैंड की एनजीओ इस प्रोसेस को लेकर सर्वे कर रही है। टीम इंडस्ट्रियों में जाकर एक रिपोर्ट भी तैयार कर रही है। पानीपत के बाद यह टीम गुजरात के टेक्सटाइल हब का भी निरीक्षण करेगी।उसके बाद टीम जर्मनी में पहुंचकर इस पर रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसकी बुकलेट्स जारी की जाएगी। इस बुकलेट्स में टीम ने जो सर्वे और पानी की खपत को कम कम करने के लिए किया है उस पर अपने सुझाव देंगे।उद्यमी भी चाहतें हैं पानी की हो कम खपत: राणाडायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि उद्यमी भी पानी की खपत को कम करना चाहते हैं। उद्यमियों को केमिकल की जानकारी होना आवश्यक है। इ‌सलिए वो विभिन्न एनजीओ को सर्वे के लिए आम‌ंत्रित भी कर रहे हैं। इसके लिए विभिन्न प्रकार के सेमिनारों का आयोजन भी जरूरी है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वो कम से कम केमिकल का प्रयोग करें। बैठक में प्रीतम सचदेवा, वीरभान सिंगला, पंकज अग्रवाल मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button