ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़

महिलाओं ने किया तैयार, आम, लहसुन के बाद लोगों को मिला नया टेस्ट

राजनांदगांव: राजनांदगांव जिले के वनबघेरा गांव की महिलाएं पनकाज मछली का आचार बनाकर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं। महिलाएं वनबघेरा की जय बूढ़ा देव समूह से जुड़ी हुई हैं। मछली के आचार की डिमांड बढ़ने से महिलाओं को रोजगार तो मिला ही साथ ही ये अच्छी आय का जरिया भी बन गया है।गांव की सरिता मंडावी के मुताबिक उन्हें पंचायत के अधिकारियों ने कहा कि आचार तो सभी बनाते हैं कुछ नया बनाओ। तो हमने कहा कि आम के अलावा लहसुन का भी आचार बनाते हैं। सरिता ने बताया कि यहां लोग मछली के शौकीन हैं। फिर क्या था महिलाओं ने यहां प्रचलित पनकाज मछली का आचार बनाया जो लोगों को काफी पसंद आया।सरिता मंडावी के साथ समूह से जुड़ी महिलाओं ने पनकाज मछली का आचार बनाया और एक दिन गौठान मेला में उसे रखा गया। यह 5 हजार रुपए का बिका, फिर लगा कि इसमें तो बड़ी संभावना है। महिलाओं ने इसका उत्पादन शुरू किया।सरिता ने बताया कि एक किलो मछली अचार की कीमत 50 रुपए है। ट्रेनिंग में बताया गया कि अलग सा उत्पाद बनाओ, हमने ये किया, औरहमें सफलता मिली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार आउट ऑफ बॉक्स आईडियाज को बढ़ावा दे रही है और मैनेजमेंट फंडा अब ग्रामीण क्षेत्रों के समूहों तक भी पहुंच रहे हैं।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों की हुनरमंद महिलाओं की प्रतिभा को पंख मिल गए हैं। वे ऐसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं और ऐसे उत्पादों के बारे में सोच रही हैं जो प्रचलित नहीं हैं लेकिन बाजार के दृष्टिकोण से उनमें बड़ी संभावनाएं हैं।

Related Articles

Back to top button