ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
बिहार

बिहार में मांझी ने फिक्‍स किया शराबियो का कोटा

पटना । बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने एक बार फिर शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर दी है। उन्‍होंने कहा है कि शराबबंदी कानून सही है लेकिन इसे लागू करने का तरीका गलत है। शराब के मामले में जेल जाने वाले 70 प्रतिशत लेाग गरीब हैं। माफिया नहीं पकड़े जा रहे। इसलिए जरूरी है कि इस कानून की समीक्षा हो। आधा लीटर-सवा सौ ग्राम पीने वालों को जेल नहीं भेजा जाना चाहिए।दिल्‍ली में मीडिया से बात करते हुए मांझी ने कहा कि शराबबंदी बुरी चीज नहीं है। यह बहुत अच्‍छा कदम है। इसे हर जगह लागू करना चा‍हिए। ले‍किन इसे लागू करने में खा‍मियां हैं। शराब मा‍फिया और तस्‍कर मालामाल हो रहे हैं। पकड़े जा रहे हैं गरीब लोग। चाहे वह बिहार हो या राजस्‍थान, बड़े लेाग नहीं पकड़े जा रहे हैं। जेलों में शराबबंदी मामले में बंद लोगों का हिसाब देखा जाए तो 70 प्र‍तिशत लाेग वैसे हैं जिन्‍होंने आधा लीटर और सवा सौ ग्राम शराब पी। उन्‍हें पकड़कर जेल में डाल दिया जाता है। वैसे तो कानून बना हुआ है ले‍किन पकड़नेवाले बदमाशी करते हैं। ब्रेथ एनालाइजर मशीन में आधा लीटर पीने वाले को दो लीटर पीने वाला बता दिया जाता है। और उन्‍हें जेल में डाल दिया जाता है। यह अन्‍याय है। ऐसे लोगों को नहीं पकड़ा जाना चा‍हिए।

Related Articles

Back to top button