ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
छत्तीसगढ़

पूर्व मंत्री केदार बोले-बगैर वेतन कर्मियों की कैसे मनेगी दिवाली,DA का लाभ भी नहीं दिया

जगदलपुर: भाजपा के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने छ्त्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को जमकर घेरा है। उन्होंने कहा कि, दिवाली का पर्व आ गया है और राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी है, वे मायूस हैं। उन्होंने कहा कि, प्रदेश सरकार को अपने अफसरों की चिंता नहीं है। आखिर बिना वेतन के अपनी दिवाली कैसे मनाएं?दरअसल, शनिवार देर शाम को केदार कश्यप ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि, देश के सबसे बड़े त्योहार दिवाली के लिए सभी तरफ उत्साह का माहौल है। लेकिन छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अभी तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। त्योहार के समय वेतन न मिलने से कर्मचारियों के परिवार पर आर्थिक संकट आ पड़ा है।लेकिन इससे अब राज्य सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उन्होंने कहा कि, सरकार जल्द से जल्द कर्मचारियों का वेतन उनके खाते में डाल दें, ताकि सभी लोग खुशी-खुशी दिवाली का त्योहर मना सकें। केदार ने कहा है कि, सरकार ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को लगभग 5500 करोड़ रुपए के लाभ से वंचित किया है। सालों से कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तरफ से घोषित महंगाई भत्ता नहीं दिया गया।कर्मचारियों के आंदोलन के बाद जब महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत बढ़ा कर दिया गया तो इससे पूर्व के तीन साल का महंगाई भत्ता से उन्हें वंचित कर दिया। भाजपा की सरकार में इस राशि को GPF में जमा कर दिया जाता था। जो कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को एक बढ़ी राशि के रूप में काम आता था। इसी प्रकार आवास, भाड़ा भत्ता सातवें वेतनमान अनुसार मिलना चाहिए। है !

Related Articles

Back to top button