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अंग्रेजी भाषा दुनियां की सबसे सरल भाषा है- अनिल जैन

अंग्रेजी भाषा दुनिया की सबसे सरलतम भाषा है क्योंकि इसमें मात्र 26 वर्ण है और दोहरे भ्रामक अर्थ नही है, जबकि हिन्दी में उच्चारण के आधार पर 52 वर्ण 11 स्वर, और 41 व्यंजन होते हैं, तथा लेखन के आधार पर 56 वर्ण, 11 स्वर, 41 व्यंजन होते हैं तथा 4 संयुक्त व्यंजन होते, जबकि संस्कृत 46 अलग-अलग अक्षर होते हैं लेकिन देवनागरी लिपि में 14 स्वर 33 व्यंजन सहित 47 वर्ण है, संस्कृत में 50 वर्ण,54 अक्षर है अब आप इसे पढ़कर समझाइए कौन सी भाषा सरल हो सकती है, हिंदी और संस्कृत बहुत ही कठिन भाषा है, मैं किसी भी भाषा का बिरोधी नहीं हूं हां इतनी समझ है कि समतल सपाट बिना घुमावदार रास्ते से अच्छा है उबड़-खाबड़ रास्ता क्या हो सकता है? यही सवाल किसी निर्भीक पत्रकार द्वारा श्रेय लेने बाले उदधाटन कर्ता से किया होता किया होता तो उनका बगलें झांकने के अलावे कोई उत्तर नहीं होता, अंग्रेजी आज एक यूनीवर्सल भाषा है,हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के फैसले भी अंग्रेजी भाषा में ही लिखें जा रहें क्यों, क्योंकि उसके दो अर्थ नही निकालते,आज भारत में भले ही इस प्रकार की व्याख्या की गहरी आलोचना हो परन्तु सच्चाई यही है धन्यवाद। मध्य प्रदेश में समूचा मीडिया लहालोट होकर मुख्यमंत्री की बलाइयां ले रहा है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मेडिकल की पढाई हिंदी में शुरू हो गई है। इस सिलसिले में कल मीडिया निर्मित लौह पुरुष ने तीन किताबों का विमोचन करते हुए बताया कि इन किताबों के अनुवाद में 97 डॉक्टर और वैज्ञानिकों के अलावा कई कंप्यूटर साइंटिस्ट भी जुटे थे। यहां प्रस्तुत किताब का एक पन्ना ही बता रहा है कि अनुवाद का स्तर कैसा है! वस्तुत: जिसे अनुवाद बताया जा रहा है वह अनुवाद नहीं बल्कि रोमन से देवनागरी में लिप्यांतरण है। लेकिन मीडिया भी इस तथ्य को कोई रेखांकित नहीं कर अपने अनपढ होने का सबूत दे रहा है। मध्य प्रदेश में दो डॉक्टर मित्रों के बात हुई तो उनका भी कहना है कि चिकित्सा शिक्षा का ऐसा मजाक उडते पहले कभी नहीं देखा। अनिल जैन

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