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मुरैना पत्थर माफिया ने किया टी आई को कुचलने का प्रयास बाल- बाल बचे।
मुरैना में पत्थर माफियाओं ने सिविल लाईन थाना प्रभारी को जान से मारने की कोशिश की है. हादसे में टीआई बुरी तरह जख्मी हो गए है. फिलहाल इलाज के लिए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया है ताज़ा मामला सिविल लाइन थाना के बिक्रम नगर का है, जहां सिविल लाइन थाना प्रभारी रामबाबू यादव मार्निंग विभाग की टीम के साथ अवैध पत्थर का खनन करने वाले माफियाओं के ट्रैक्टर ट्रालियों पर कार्रवाई करने गए थे. तभी माफियाओं ने पुलिस टीम को देख ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़ाना शुरू कर दिया. यही वजह है कि थाना प्रभारी भी माफियाओं के पीछे भागने गले. इस दौरान 2 ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर तो माफिया फरार हो गए, लेकिन एक ट्रैक्टर की स्पीड कम हुई जैसे ही पकड़ने की नियत से थाना प्रभारी ट्रैक्टर पर चढ़ गए, तभी माफिया ट्रैक्टर चालक नाराज हो गए और उन्होंने ट्रैक्टर की रफ्तार और बड़ा दी. फिर कुछ ही दूर ले जा कर ट्रैक्टर को सामने खड़े पेड़ में टक्कर मार दी. इसके बाद थाना प्रभारी रामबाबू यादव नीचे जमीन पर जा गिरे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल थाना प्रभारी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद थाना प्रभारी को ग्वालियर रेफर कर दिया है. आपको बता दें कि मुरैना जिले में माफियाओं के द्वारा पुलिस पर हमला करने का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले 2012 में माफियाओं ने बनामोर IPS नरेंद्र कुमार की रौंद कर हत्या की थी. उसके बाद 2018 में भी बड़ोखर गांव के ग्वालियर निवासी परिवार को जीप को रेत माफियाओं ने टक्कर मारी थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी. इतना ही नहीं अभी हाल ही में बीती 19 मई को रेत माफियाओं ने पिता और बेटे की बाइक को सिकरोदा नहर के पास टक्कर मार दी थी हादसे में घनश्याम सिकरवारह की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी. वहीं पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे. वहीं इस घटना को लेकर नगर पुलिस अधीक्षक राकेश गुप्ता का कहना है कि आज माफियाओं पर कार्रवाई करने गए सिविल लाइन थाना प्रभारी को जान से मारने का प्रयास किया था. हादसे में थाना प्रभारी घायल हो गए हैं, उनका उपचार किया जा रहा है जिला चिकित्सालय से ग्वालियर रैफर किया गया है।


