ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
धार्मिक

जनवरी माह में कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत, नोट करें तिथि व महत्व

इंदौर।  त्रिदेवों में से एक महादेव हैं। सोमवार और प्रदोष तिथि भगवान शिव को समर्पित हैं। प्रदोष व्रत के दिन भोलेनाथ की पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में दो त्रयोदशी तिथि होती है। एक कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि। मान्यता के अनुसार, यदि कोई जातक इस व्रत को सच्चे मन से करता है, तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। प्रदोष व्रत पर भगवान शिवजी की पूजा शाम के समय की जाती है। आइए जानते हैं जनवरी 2024 में प्रदोष व्रत कब है और क्या है इसका महत्व है।

जनवरी 2024 प्रदोष व्रत तिथि

पंचांग के अनुसार, जनवरी माह का पहला प्रदोष व्रत 9 जनवरी, मंगलवार को है। यह व्रत मंगलवार को होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस महीने का दूसरा प्रदोष व्रत 23 जनवरी को रखा जाएगा।

दिन अनुसार प्रदोष व्रत

रविवार- रवि प्रदोष व्रत

सोमवार- सोम प्रदोष व्रत

मंगलवार- भौम प्रदोष व्रच

बुधवार- बुध प्रदोष व्रत

गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत

शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत

शनिवार- शनि प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत का महत्व

सनातन धर्म में भगवान शंकर की पूजा के लिए प्रदोष व्रत का खास महत्व है। इस दिन व्रत और पूजा-पाठ करने से भक्तों की अभिलाषा पूर्ण होती है। इस व्रत के प्रभाव से संतान सुख प्राप्त होता है। इस व्रत के प्रभाव से जातक पापों से मुक्त हो जाता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button