ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

वैज्ञानिक बहू निकली कातिल, जानिए किस तरह परिवार के 5 लोगों की कर दी हत्या

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के एक परिवार की कालित बहू ही निकल। वैज्ञानिक बहू ने अपने पति सहित पांच लोगों की हत्या बड़े वैज्ञानिक तरीके से की, हत्या का तरीका पता लगाने के लिए पुलिस भी चकरघिन्नी बनी रही। वारदात के तरीके का पता चला तो पुलिस सहित सभी के होष उड़ गए। वैज्ञानिक बहू ने लंबी रिसर्च के बाद धीमा जहर देकर 20 दिन के अंदर पति सहित पांच लोगों की हत्या की है। पुलिस ने वैज्ञानिक बहू को हत्या के मामले में अरेस्ट कर लिया है। बहू ने स्वीकार किया कि उसने ही धीमा जहर देकर पति सहित पांच लोगों की हत्या की है।

हत्या से पहले उसने लंबी रिसर्च की

हत्या से पहले उसने लंबी रिसर्च की, ताकि किसी भी व्यक्ति को हत्या का पता न चले और आत्महत्या का मामला माना जाए, लेकिन पुलिस ने हकीकत का पता लगा ही लिया। गढ़चिरौली पुलिस के अनुसार 22 साल की संघमित्रा ने जहरीला पदार्थ ’थैलियम’ देकर हत्या की। उसने ऐसा इसलिए किया, ताकि किसी को शक न हो। इस हत्याकांड को अंजाम देने में बहू संघमित्रा ने एक रिष्तेदार रोजा रामटेके की भी मदद ली है। संघमित्रा ने पुलिस को बताया कि पति और ससुराल वाले उसका उत्पीड़न करते थे, जिससे उसके पिता सहित पूरा मायका पक्ष तनाव में रहता था। मायके पक्ष को परेषान देखकर ही उसने पति सहित सभी पांच लोगों को धीमी मौत मारने की योजना तैयार की।

दरअसल ससुराल वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर संघमित्रा के पिता ने आत्महत्या कर ली थी, वह इसी का बदला लेने के लिए यह किया है। पांच माह पहले पिता की आत्महत्या के लिए संघमित्रा अपने ससुराल वालों को जिम्मेदार मानती थी। उसने पांच माह रिसर्च किया कि कैसे थैलियम का इस्तेमाल जहर के तौर पर किया जा सकता है। रिसर्च के बाद वह तेलंगाना पहुंची और वहां से जहर खरीदकर लाई थी। 20 सितंबर से 10 अक्टूबर के दौरान संघमित्रा ने रोजा के साथ मिलकर सभी को जहर देकर मार डाला। थैलियम की वजह से जहर खाए लोगों के शरीर और सिर में दर्द होता था। इसके अलावा जीभ में समस्या हो जाती थी और होठ भी काले पड़ जाते थे।

Related Articles

Back to top button