ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
उत्तरप्रदेश

‘भारत का विभाजन नहीं होना चाहिए था, वो एक एतिहासिक गलती’, असदुद्दीन ओवैसी ने साधा कांग्रेस पर निशाना

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि भारत का विभाजन कभी नहीं होना चाहिए था और वह एक ‘ऐतिहासिक गलती’ थी। हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से भारत एक देश था और दुर्भाग्य से इसे बांट दिया गया जो नहीं होना चाहिए था। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर आप चाहें तो एक बहस करा लें और मैं आपको बताऊंगा कि इस देश के बंटवारे के लिए कौन जिम्मेदार है। मैं उस समय हुई ऐतिहासिक गलती के लिए एक पंक्ति का उत्तर नहीं दे सकता।”

ओवैसी ने स्वतंत्रता सेनानी और भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुस्तक ‘इंडिया विन्स फ्रीडम’ पढ़ने का सुझाव देते हुए कहा कि यह पढ़ा जाना चाहिए कि किस तरह उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस नेताओं के पास जाकर विभाजन के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करने की अपील की थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस देश का बंटवारा नहीं होना चाहिए था। वह गलत था। उस समय के सारे नेता… वो सभी जिम्मेदार थे।” ओवैसी ने यह दावा भी किया कि उस समय के इस्लामिक विद्वानों ने भी द्वि-राष्ट्र सिद्धांत का विरोध किया था।

Related Articles

Back to top button