ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

‘हिंसा भड़काने वाले वीडियो-फोटोज शेयर करने वालों पर होगी बड़ी कार्रवाई’, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

मणिपुर सरकार ने एक आदेश में कहा है कि राज्य में हिंसा और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने संबंधी वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने के लिए अब सख्त कदम उठाए जाएंगे और कानून के अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी। मणिपुर की हिंसा के वीडियो और तस्वीरे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार रात यह आदेश जारी किया गया। इसी तरह के एक वीडियो में दिखाया गया कि कुछ लोगों का समूह दो युवकों को बहुत करीब से गोली मार रहा है और वे लोग उन्हें एक गड्ढे में दफना रहे हैं। हालांकि वीडियो में घटनास्थल और दफनाने वाली जगह की जानकारी नहीं है।

मणिपुर गृह विभाग का आदेश 
मणिपुर गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया, ‘‘राज्य सरकार विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर प्रसारित हो रहे हिंसक गतिविधियों, किसी को चोट पहुंचाने, निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को क्षतिग्रस्त करने के वीडियो को बहुत गंभीरता और अत्याधिक संवेदनशीलता से ले रही है जो राज्य कानून व्यवस्था की स्थिति को खराब कर सकते हैं।” आदेश में यह भी कहा गया, ‘‘राज्य सरकार ने मामले की गहन जांच के बाद स्थिति को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाते हुए ऐसे वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।”

उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई 
आदेश में कहा गया कि अगर किसी के पास इस तरह के वीडियो या तस्वीरे हैं, तो बिना डरे उचित कार्रवाई के लिए वीडियो या तस्वीरें निकटतम पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर जमा कर सकते हैं। आदेश में कहा गया कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून तथा प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और मुकदमा चलाया जाएगा। उन पर भारतीय दंड संहिता और सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। पूर्वोत्तर राज्य में इस साल तीन मई से मेइती और कुकी जनजाति के बीच जातीय हिंसा फैली हुई थी। मेइती लोगों द्वारा जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग के बाद हिंसा भड़क उठी थी।

Related Articles

Back to top button