ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
धार्मिक

पितृ पक्ष में भूलकर भी न खरीदें सरसों का तेल, नमक और झाड़ू, ये है धार्मिक कारण

इंदौर। हिंदू धर्म में पितरों की आत्मिक शांति के लिए पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म, पिंडदान व तर्पण का विशेष महत्व है। इसके अलावा पितृपक्ष को कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है और न ही किसी नई वस्तु की खरीदारी भी की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि पितृपक्ष में निषेध कार्य करने से पितर नाराज होते हैं और जातक को इसका परिणाम भुगतना पड़ता है। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, पितृपक्ष 14 अक्टूबर तक चलेंगे और इस दौरान भूलकर भी इन चीजों की खरीदारी नहीं करना चाहिए।

भूलकर भी न खरीदें झाड़ू

हिंदू धर्म में झाड़ू का संबंध देवी लक्ष्मी से बताया गया है। यदि पितृ पक्ष में आप झाड़ू खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि इस दौरान झाड़ू खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता है। पितृपक्ष के दौरान झाड़ू खरीदने से पितृ दोष लगता है और देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती है। परिवार में कंगाली आ सकती है।

सरसों का तेल

धार्मिक मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए। ऐसा करने से जातक को पितृ दोष लगता है। 16 दिनों तक चलने वाले श्राद्ध पक्ष के दौरान कभी भी सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए। श्राद्ध में भोज देने के लिए यदि आप सरसों का तेल इस्तेमाल करना चाहते हैं तो श्राद्ध पक्ष के पहले ही सरसों का तेल खरीद लेना चाहिए। श्राद्ध पक्ष में सरसों का तेल खरीदने से जीवन में बुरा समय आ सकता है।

नमक भी न खरीदें

पितृपक्ष के दौरान नमक खरीदना भी शुभ नहीं होता है। इस दौरान नमक खरीदने से पितृदोष लगता है और पितर नाराज हो जाते हैं। पितृपक्ष में नमक खरीदने से घर में नेगेटिविटी आती है और आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button