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धार्मिक

इस मंदिर में भगवान देते हैं VISA सिर्फ एक नारियल से पूरी होती है मुराद

अच्छी जॉब और विदेश जाना हर व्यक्ति की तमन्ना है। ये इच्छा हर व्यक्ति की पूरी नहीं हो पाती। कुछ लोगों का सपना अधूरा रह जाता है, लेकिन आपकी यह मनोकामना मंदिर में पूरी हो सकती है। जी हां, हैदराबाद से करीब 40 किलोमीटर दूर एक अनोखा मंदिर है। जहां लोग नौकरी की अभिलाषा लेकर जाते हैं। साथ ही लोग वीजा दिलाने की प्रार्थना के लिए मंदिर आते हैं। मान्यता है कि यहां आने वाला भक्त खाली हाथ लौटता नहीं है।

चिलकुर बालाजी मंदिर कहां है?

हैदराबाद की सीमा के करीब 40 किमी दूर स्थित चिलकुर बालाजी मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर में लोग हवाई जहाज चढ़ावे के रूप में चढ़ाते हैं। मान्यता है कि यहां हवाई जहाज चढ़ाने से वीजा आसानी से मिल जाता है। दर्शानार्थी का बताते हैं कि अगर वीजा नहीं मिल रहा है तो चिलकुर बालाजी के दर्शन कर लिजिए। काम जल्दी पूरा हो जाएगा।

चिलकुर बालाजी को वीजा मंदिर क्यो कहा जाता है?

चिलकुर बालाजी को वीजा वाले बालाजी के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर 500 साल पुराना है। इस मंदिर में लोग नौकरी की मन्नत लेकर आते है। उनकी मनोकामना पूरी भी हो जाती है। मान्यता है कि एक भक्त प्रतिदिन तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए आते थे। एक दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और मंदिर नहीं जा सके। इस दौरान बालाजी भगवान ने खुद भक्त को सपने में आकर दर्शन दिए। अगले दिन जंगल में उसी स्थान पर मूर्ति की स्थापना की गई। वहीं, मंदिर अब चिलकुर बालाजी के नाम से पहचाना जाता है।

नारियल से मुराद होती है पूरी

इस मंदिर में दान-दक्षिणा नहीं ली जाती है। भक्तों की सिर्फ तिरुपति बालाजी के चरणों में नारियल चढ़ाना होता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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