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चिचगोहना व घुसरिया में हाथियों ने छह मकान किया क्षतिग्रस्त दहशत में यात्री

 बिलासपुर। मरवाही वन मंडल में हाथियों के कारण दहशत का माहौल है। इस वन क्षेत्र अंतर्गत आने वाले घुसरिया व चिचगोहना में जहां छह मकान क्षतिग्रस्त कर दिए। वहीं दो किसानों ई फसल भी रौंद दी। सूचना पर वन अमला मौके पर पहुंचकर मुआवजा की प्रक्रिया पूरी कर ली है। हालांकि विभाग की यह प्रक्रिया केवल औपचारिता है। असल मे ग्रामीण हाथियों से बचाव का ठोस उपाय चाह रहे हैं। जिसके लिए वन नाकाम है।

मरवाही वन मंडल के अनुसार बीट घुसरिया में पिछले 10 दिन से हाथी मौजूद है। वैसे तो वह मंडल में हाथियों की मौजूदगी करीब पांच महीने जान। लेकिन अभी तक छुटपुट नुकसान पहुंचा रहे थे। लेकिन, अब धीरे प्रतिदिन घटनाएं होने लगी है। लगातार इस क्षेत्र के मकान व फसल को हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं। नुकसानी के साथ – साथ अब जान को भी खतरा है। क्योंकि हाथी किसी मे समय गांव में घुसकर कोई भी मकान को क्षतिग्रस्त कर दे रहे हैं। कई बार ऐसा हुआ, जब ग्रामीणों को जान बचाकर भागना पड़ा रहा है। ऐसे स्थिति में किसी दिन भी हादसा हो सकता है। हालांकि वन विभाग का कहना है कि जिस क्षेत्र में हाथी है, वहां के ग्रामीणों को रात में पक्के मकानों में शिफ्ट कर दिया जाता है।

फसल व मकान दोनो को मुआवजा ग्रामीणों को दिया जाएगा। लेकिन , जान चली गई या भी शरीर का कोई हिस्सा हमेशा के बेकार हो गया तो, उसकी भरपाई मुआवजे से नहीं की जा सकती। इसलिए सभी ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि जब तक हाथी इस क्षेत्र में हैं पूरी तरह सावधानी बरतें। जंगल की तरफ भी जाने से मनाही की जा रही है।

पल- पल की जानकारी अधिकारियों को

वन अफसरों के द्वारा मैदानी अमले को आदेश दिया गया है कि वह हाथियों के लोकेशन की पल – पल जनकारीदेते रहे। वर्तमान लोकेशन परिसर घुसरिया के कक्ष क्रमांक 2051 में है और कुम्हारी व माड़ाकोट की तरफ जाने की संभावना है।

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