ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

ओडिशा ट्रेन हादसे के 51 घंटे बाद ट्रैक से गुजरी ट्रेन ‘पुरी वंदे भारत’, स्पीड रही बेहद कम

ओडिशा में बालासोर जिले के बहनगा स्टेशन पर भीषण रेल दुर्घटना के 51 घंटे बाद रविवार देर रात अप और डाउन दोनों लाइनों पर यातायात बहाल हो गया। रात में करीब 10 बजे डाउन लाइन पर हल्दिया जाने वाली एक कोयला लदी मालगाड़ी को धीमी गति से गुजारा गया। ओडिशा रेल हादसे के बाद वहीं सोमवार सुबह पहली यात्री ट्रेन ‘पुरी वंदे भारत’ सोमवार सुबह बालासोर से गुजरी।  आमतौर पर स्पीड में दौड़ने वाली वंदे भारत यहां से गुजरने के दौरान काफी धीमी गति से चलती नजर आई। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 मई को ओडिशा की पहली ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, यह ट्रेन पुरी को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से जोड़ती है।

पुरी-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग साढ़े छह घंटे में 500 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस मार्ग की सबसे तेज ट्रेन है। अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा के बालासोर में दुर्घटना प्रभावित खंड से भीषण दुर्घटना के 51 घंटे बाद रविवार को रात करीब 10 बजकर 40 मिनट पर पहली ट्रेन रवाना की गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उस मालगाड़ी को रवाना किया और इस दौरान कई मीडियाकर्मी तथा रेलवे अधिकारी भी वहां मौजूद रहे।

मालगाड़ी विशाखपटनम बंदरगाह से राउरकेला इस्पात संयंत्र जा रही है और उसी पटरी पर चल रही है जहां शुक्रवार को ट्रेन दुर्घटना हुई थी। बालासोर जिले में 2 जून की शाम लगभग 7 बजे शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से यह हादसा हुआ। दोनों यात्री ट्रेन में करीब 2500 यात्री सवार थे। दुर्घटना में 21 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 275 यात्रियों की मौत हुई है जबकि 1100 से ज्यादा यात्री घायल हुए।

Related Articles

Back to top button