दूसरी ट्रेन को आगे बढ़ाने अप ट्रेक की ट्रेन को डाउन ट्रेक की लूप लाइन पर लगाया
जबलपुर। यह बात पढ़ने-सुनने में भले अटपटी लगे, लेकिन है सही। रेल परिचालन का काम देखने वाले महारथियों ने अप ट्रेक की गाड़ी को डाउन साइड की लूपलाइन पर लाकर खड़ा कर दिया। इसकी वजह कोई आपातकालीन या तकनीकी कारण नहीं रहा, बल्कि गाड़ी को महज देरी से छोड़ने के लिए ऐसा किया गया। यह वाकया जबलपुर-कटनी रूट के गोसलपुर रेलवे स्टेशन पर सुबह 8.45 बजे का है।
पैसेंजर ट्रेनों के खड़े रहने से यात्री हो रहे परेशानः
बड़े स्टेशनों पर जहां गाड़ियों की आवाजाही अधिक है, वहां गाड़ियों को रवाना करने के लिए प्लेटफार्म बदलना तो यदा-कदा देखने में आता है, लेकिन पैसेंजर गाड़ियों को किसी छोटे स्टेशन पर साइड बदलकर खड़ा कर दिया जाना मनमानी की इंतेहां जैसा है। शनिवार की सुबह 11274 प्रयागराज-इटारसी एक्सप्रेस को , जो कि अप ट्रेक पर आ रही थी- उसे डाउन साइड की लूप लाइन में लगाकर 11062 पवन एक्सप्रेस से पिटवा दिया गया। इसकी वजह यह बताई गई कि अप साइड की मेन लाइन पर मालगाड़ी खड़ी रही ऐसे में पीछे से आ रही एक्सप्रेस गाड़ी को आगे निकालने ऐसा किया गया। ऐसा नहीं है कि उस वक्त अगले स्टेशन देवरी में भी अप साइड की मेन लाइन पर मालगाड़ी खड़ी रही हो। बावजूद इसके ट्रेन को पिटवाने के लिए ही कंट्रोलर यह करतब दिखा डाला।
कई लोगों की छूटी ट्रेनः
मंडल रेल परिचालन की इस मनमानी के चलते जहां अनेक यात्रियों को बेवजह लंबा चक्कर लगाकर परेशान होना पड़ा, वहीं भ्रम की वजह से इटारसी की ओर जाने वाले अनेक यात्रियों की ट्रेन छूट गई।
जबलपुर तक आने वाली गाड़ियों में ऐसा नहीं होता
ताजा घटनाक्रम के विपरीत अप और डाउन दिशा से जबलपुर तक आने वाली गाड़ियों के साथ ऐसा नहीं होता। उनके प्लेटफार्म तय हैं अगर तय प्लेटफार्म भरे होते हैं तो अन्य खाली प्लेटफार्मों पर लेने की बजाय गाड़ियों को आधा-आधा घंटा आउटर पर खड़ा कर दिया जाता है।




