ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
विदेश

जापान में हिकिकोमोरी से पीड़ित 15 लाख लोग घरों में कैद 

टोक्यो । जीवन की परेशानियों से तंग आकर बहुत से लोग अकेला ही रहना पंसद करते हैं। मामला तब ज्यादा बिगड़ जाता है, जब इसतरह के लोगों की तादा इतनी बढ़ जाए की सरकार भी टेंशन में आ जाए है। एक देश में इनदिनों यही हो रहा है। यहां 15 लाख लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। ये रिलेशनशिप और कोविड में नौकरी जाने जैसे मुद्दों से परेशान हैं। इसमें 15 साल से लेकर 64 साल तक के लोग शामिल हैं।
मामला जापान का है। इसतरह के लोगों की संख्या जापान की आबादी का 2 फीसदी है। इसमें से पांच तिहाई ने इसके लिए वजह कोरोना को मनाते है। जापान में लोगों के एकांत में रहने और समाज से खुद को काटने की प्रक्रिया को हिकिकोमोरी कहा जाता है।
एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के अनुसार, उस शख्स को हिकिकोमोरी से पीड़ित माना जाता है, जब वह कम से कम छह महीने तक समाज से दूरी बनाए रखने जैसा व्यवहार करता है। हिकिकोमोरी से पीड़ित व्यक्ति घर से बाहर निकलने से मना कर देता है, चाहे फिर स्कूल जाने की बात हो, दफ्तर जाने की हो या फिर घर का सामान बाहर स्टोर से खरीदने की बात हो। ये लोग घर से बाहर कदम रखने से ही इनकार कर देते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार हिकिकोमोरी के पीछे की वजहें पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। कुछ मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इंसान जीवन में किसी तनावपूर्ण घटना से तंग आकर खुद को समाज से काट लेता है। कुछ शोध में ये बात भी सामने आई है, कि हिकिकोमोरी का संबंध परिवार में दिक्कतें या दर्द का अनुभव भी होता है। जापान में बीते कुछ वर्षों में लोगों द्वारा समाज से खुद को एकदम अलग किए जाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस चिंता, डिप्रेशन या समाज में भय की स्थिति से भी जोड़ा जाता है।

Related Articles

Back to top button