ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
राजस्थान

दिव्या मित्तल को कोर्ट में किया पेश, 18 अप्रैल तक मिली न्यायिक अभिरक्षा

दो करोड़ रुपये की घूस मांगने के मामले में आरोपी निलंबित ASP दिव्या मित्तल को जेल से बाहर आते ही एसओजी ने एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार कर चार अप्रैल तक कोर्ट से रिमांड ले ली थी। अब एक बार फिर दिव्या को अजमेर की अपर जिला एवं सेशन न्यायालय की कोर्ट संख्या-1 में पेश किया गया, जहां से दिव्या मित्तल को 18 अप्रैल तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। यानि अब 18 अप्रैल तक जेल में रहना पड़ेगा।

एनडीपीएस एक्ट प्रकरण में अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं कर उसे फायदा पहुंचाने के आरोप में एसओजी ने दिव्या को चार दिन पहले अजमेर केंद्रीय कारागार के बाहर से गिरफ्तार किया था। अजमेर की निलंबित एडिशनल एसपी दिव्या चार दिन पहले हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आई थीं। अब चार दिन बाद दिव्या को वापस जेल जाना पड़ा है।

दिव्या मित्तल से तीन दिन एसओजी ने एनडीपीएस के तीन मुकदमों के संबंध में पूछताछ की है। एसओजी के एडिशनल एसपी कमल सिंह ने बताया कि कोर्ट ने दिव्या को जेल भेजा है। हालांकि दिव्या मित्तल की ओर से कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई है। जमानत अर्जी पर कोर्ट में पांच अप्रैल को सुनवाई होगी।

एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायालय में विशिष्ट लोक अभियोजक राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि दिव्या मित्तल ने अभियुक्त को एक प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दूसरे प्रकरण में स्वीकृति मिलने के बाद भी मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं किया। दिव्या मित्तल पर अभियुक्त को बचाने का आरोप है।

 

Related Articles

Back to top button