ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
राजस्थान

होली पर यहां गरजती है तोप, बरसती हैं गोलियां, राज घराने की परंपरा निभा रहे रणबांकुरे

राजस्थान | राजस्थान में एक ऐसी भी जगह है जहां बंदूकों और तोप की गर्जना के बीच आतिशी नजरों के साथ होली का त्यौहार मनाया जाता है।

आपने अब तक रंगों और पानी से होली का त्यौहार मनाते हुए लोगों को देखा होगा, लेकिन राजस्थान में एक ऐसी भी जगह है जहां बंदूकों और तोप की गर्जना के बीच आतिशी नजरों के साथ होली का त्यौहार मनाया जाता है। होली का ये अनोखा नजारा उदयपुर के मेनार गांव में देखने को मिलता है। रियासत काल से चली आ रही या परंपरा आज भी मेनारिया ब्राह्मण समाज के लोग बदस्तूर निभा रहे हैं।

बंदूकों की धायं-धायं और तोप की गर्जना के साथ आतिशी नजारे का यह दृश्य उदयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर बर्ड विलेज के नाम से मशहूर मेनार गांव का। जहां मेनारिया ब्राह्मण समाज के लोग बीते 450 वर्षों से कुछ इसी अंदाज से होली का त्यौहार मना रहे हैं। होली के दूसरे दिन यानी जमराबीज की रात को मेनारिया ब्राह्मण समाज रणबांकुरे बन कर आतिशी नजारों के साथ होली का जश्न मनाते हैं। जिसे देखने के लिए देश भर से बड़ी संख्या में लोग मीनार गांव पहुंचते हैं। समाज के युवा रियासत काल से चली आ रही इस परंपरा को आज भी बदस्तूर आगे बढ़ा रहे है।

ये है मान्यता

दरअसल मान्यता है कि महाराणा प्रताप के पिताजी उदय सिंह के समय मेनार गांव से आगे मुगलों की एक चौकी हुआ करती थी। मुगलों की इस चौकी से मेवाड़ साम्राज्य की सुरक्षा को खतरा था। मेवाड़ की रक्षा करने के लिए मेनारिया ब्राह्मण समाज के लोग रणबांकुरे बन कर मुगलों की चौकी पर धावा बोला और उसे पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया था। इस हमले में मेवाड़ की रक्षा में समाज के कुछ लोग भी शहीद हुए। उसके बाद से ही समाज के लोग मुगल चौकी पर अपनी जीत के जश्न को इसी आतिशी अंदाज के साथ मना रहे हैं। इस जश्न में उस हमले का का चित्रण दर्शाया जाता है। गांव में मेनारिया समाज के लोग अलग-अलग खेमों  में बट जाते हैं और उसके बाद शुरू होता है आतिशी नजारों के साथ होली मनाने का जश्न। यह जश्न पूरी रात चलता है और लोग भी इसे देखने के लिए पूरी रात डटे रहते हैं।

 

Related Articles

Back to top button