ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

महिला पति और उसके परिवार को बार-बार अपमानजनक शब्द कहती, तब यह क्रूरता : दिल्ली हाई कोर्ट 

नई दिल्ली । अगर कोई महिला अपने पति या उसके परिवार को बार-बार अपमानजनक शब्द कहती है या पति को प्रताड़ित करती रहती है, तब यह क्रूरता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण बात कही है। जस्टिस संजीव सचदेव और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को मर्यादा और प्रतिष्ठा के साथ जिंदगी जीने का अधिकार है। किसी को भी लगातार गाली-गलौच से गुजरने को मजबूर नहीं किया जा सकता है। हाई कोर्ट ने कहा, केस में याचिकाकर्ता की पत्नी के व्यवहार का ठोस सबूत है। उसका व्यवहार इतना खराब है कि कोई भी व्यक्ति मानसिक पीड़ा, दर्द और गुस्से का शिकार हो जाए। याचिकाकर्ता को अपनी पत्नी के इस कठोर व्यवहार का लगातार सामना करना पड़ रहा है जो बिल्कुल क्रूरत है।असल में पत्नी ने हाई कोर्ट में फैमिली कोर्ट के फैसले का विरोध किया था। फैमिली कोर्ट ने पत्नी से तलाक लेने की पति की गुहार मंजूर कर ली थी। पति ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1956 की धारा 13(1)(आई-ए) के तहत फैमिली कोर्ट से तलाक दिलाने की अपील की थी। इस धारा के तहत क्रूरता के आधार पर तलाक लेने का प्रावधान है। पत्नी ने जब फैमिली कोर्ट के फैसले का हाई कोर्ट में विरोध किया तब वहां भी पत्नी को निराशा हाथ लगी। हाई कोर्ट ने महिला के बयानों पर कहा कि पति के प्रति उसका व्यवहार काफी क्रूरतापूर्ण है।

Related Articles

Back to top button