ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
पंजाब

पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी ने की कार्रवाई, कहा- कचरा प्रबंधन में फेल निगम

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में स्वच्छता के नगर निगम के दावे ‘खोखले’ साबित हो रहे हैं। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (CPCC) ने इसकी पोल खोल दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(NGT) के दिशा-निर्देशों की पालना न करने CPCC ने चंडीगढ़ नगर निगम पर 9.30 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।चंडीगढ़ नगर निगम के तहत आते सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड(BOD) के स्तर 10 mg/1 तथा फेकल कोलिफाम के स्तर 100 MPN/100 ml से कम की पालना नहीं करते दिखे। इसे लेकर निगम पर 5.60 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।वहीं 3 करोड़ रुपए का जुर्माना निगम द्वारा शहर में ठोस कचरे के प्रबंधन और प्रोसेसिंग करने में नाकाम रहने पर लगाया गया है। वहीं 70 लाख रुपए का जुर्माना 20 एकड़ की डंप साइट पर बायो-रिमेडिएट ओल्ड वेस्ट में नाकाम होने पर लगाया गया है।इंजीनियरिंग विभाग को भी 1.20 करोड़ रुपए जुर्मानादूसरी ओर CPCC ने चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग को भी 60 लाख रुपए हर्जाना भरने को कहा है। यह हर्जाना रायपुर कलां में STP में तय नियमों की पालना न करने के आरोप हैं। वहीं अलग से 60 लाख रुपए का मुआवजा एन चो को लेकर भरने को कहा गया है, जहां आधुनिक डिस्चार्ज मानकों की पालना नहीं की जा रही है। यूटी के एस्टेट अफसर को भी कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि उन पर 1.50 करोड़ रुपए की जुर्माना क्यों न लगाया जाए।चंडीगढ़ में गंदगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल लोग नगर निगम की पोल खोल रहे हैं।15 दिन में एस्टेट अफसर से जवाब तलबCPCC ने यूटी के एस्टेट ऑफिसर को नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब देने को कहा है। उनसे पूछा गया है कि नालों से जुड़ी स्थिति पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई और ऐसे में उन पर 1.5 करोड़ रुपए हर्जाना क्यों न लगाया जाए। इससे पहले CPCC ने विभागों को NGT के आदेशों की पालना के लिए कारण बताओ नोटिस और रिमांइडर भी जारी किए थे।बता दें कि CPCC द्वारा शहर में STP और नालों की हर महीने चेकिंग की जाती है। यह जुर्माना लगभग एक से दो सालों की सितंबर, 2022 तक की है। CPCC ने इस मामले की जानकारी NGT को अपनी रिपोर्ट में भी दी है। निगम का कहना है कि उनके सभी पांच STP को अपग्रेड करने का काम फरवरी, 2023 तक पूरा हो जाएगा। यह डिग्गियां, 3बीआरडी, धनास, रायपुर खुर्द और रायपुर कलां में हैं।

Related Articles

Back to top button