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पंजाब

गेहूं की बिजाई का सीजन शुरू, नहीं मिल रही DAP खाद

जालंधर: पंजाब में गेंहूँ की बिजाई का सीजन शुरू हो गया है। लेकिन किसानों को गेंहूँ के साथ खेतों में डाली जाने वाली DAP खाद नहीं मिल रही है। इससे बिजाई का काम प्रभावित होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। किसानों ने आज जालंधर में आ रहे खाद्य आपूर्ति एवं वन मंत्री लाल चंद कटारूचक का घेराव करने का ऐलान किया है।पंजाब में पहले गेहूं का बीज देरी से मिलने के कारण किसानों में रोष था, लेकिन अब गेहूं का बीज मिल गया तो किसानों को गेंहूं के साथ खेतों में डाली जाने वाली डीएपी खाद नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि सरकारी विक्रय केंद्रों पर DAP खाद न मिलने से कारण खुली मार्किट में इसकी ब्लैक शुरू हो गई है। करीब 1200 रूपए में मिलने वाला DAP खाद का बोरा खुली मार्किट में 2000 से 2500 में मिल रहा है। दुकानदार खाद के साथ पेस्टीसाइड और अन्य चीजें अलग से थमा देते हैं।जालंधर में होशियारपुर रोड पर गांव चूहड़वाली में मार्कफेड की कैनरीज में सहकारिता विभाग द्वारा कल 69वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह मनाने का कार्यक्रम रखा गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए राज्य के खाद्य आपूर्ति एवं वन मंत्री लाल चंद कटारूचक आ रहे हैं। किसान वहीं पर सुबह 11 बजे मार्कफेड कैनरीज गांव चूहड़वाली में इकट्ठा होंगे और कैबिनेट मंत्री का घेराव करेंगे।भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर के प्रधान कुलविंदर सिंह मछियाणा ने कहा कि किसानों ने पहले गेंहूं के बीज का ऑर्डर एडवांस में पैसे देकर और फार्म भरकर किया था। लेकिन जब तक किसानों ने शोर नहीं मचाया तब तक सरकारी विक्रय केंद्रों में बीज नहीं आया। अब यही हालत डीएपी खाद को लेकर है। सरकारी विक्रय केंद्रों पर किसानों को खाद नहीं मिल रही है।मछियाणा ने कहा कि विक्रय केंद्रों में डीएपी खाद बीज के साथ ही मिल जाती थी। लेकिन इस बार देरी से ही सही बीज तो मिल गया लेकिन खाद अभी तक नहीं पहुंची है। किसानों को मजबूरी में खुली मार्किट से ब्लैक में महंगे दामों पर खाद खरीद कर गेंहूं की बिजाई के बाद खेतों में डालनी पड़ रही है, लेकिन बहुत सारे किसान जो इतने पैसे नहीं खर्च सकते सरकारी विक्रय केंद्रों का रास्ता देख रहे हैं।

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