भगवान बुद्ध की धरती पर जुटेंगे लोग, 10 हजार युवा जगाएंगे भारतीय संस्कृति की अलख

श्रावस्ती: श्रावस्ती में कटरा स्थिति बौद्ध तपोस्थली एक नया और बड़ा कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। यहां 7 से लेकर 9 नवंबर तक अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रान्तीय युग सृजेता समारोह होने जा रहा है। जहां केसरिया रंग में अनुशासन की बयार बहेगी। समुचित व्यवस्था का विहंगम दृश्य होगा। ढाई हजार साल पहले जिस माटी से पूरे विश्व को करुणा, दया और अहिंसा का संदेश गया है।उसी चेतना की ऊर्जा संवर्धन के माध्यम से इस स्थान पर 10 हजार युवाओं को तीन दिवसीय शिविर के माध्यम से प्रशिक्षित किया जायेगा।जिसमें उनके व्यक्तित्व का निर्माण हो सके। एक शालीन युवा, स्वावलंबी युवा और सेवा भावी तैयार हो सके। ऐसे मजबूत युवा समाज और राष्ट्रहित के लिए तैयार किये जा रहे हैं। भगवान बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती बौद्ध जैन के साथ अब गायत्री परिवार का संगम स्थली भी बनेगा। गायत्री परिवार की ओर से बर्मा मंदिर से लेकर चक्र भंडार तक करीब 3 किलोमीटर की परिधि में पीले वस्त्रों से सजे गायत्री परिवार के युवाओं को तैनात किया जाएगा। इसके साथ-साथ 15 से 45 वर्ष के कार्यकर्ता कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।श्रावस्ती में महिलाओं ने किया श्रमदान।संस्कृत का ध्वज लेकर निकलेंगे युवाप्रदेश के हर जिले से 50 से 100 कार्यकर्ता पहुंचेंगे जिनके ठहरने के लिए टेंट सिटी के अलावा आसपास के होटलों और विद्यालयों को लिया गया है। वहीं यहां से गए हुए 7000 युवा भारतीय संस्कृत का ध्वज लेकर निकलेंगे और देश के कोने कोने में राष्ट्रवाद की अलख जगायेंगे। 35000 वर्ग फुट में जर्मन हैंगर से बना पंडाल 7000 युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए बनकर लगभग तैयार हो गया है। प्रदेश के कोने-कोने से आई महिलाएं भी श्रमदान कर रही हैंप्रान्तीय युग सृजेता समारोह के लिए तैयारियां।हस्तशिल्प की दिखेगी झलककार्यक्रम के माध्यम से श्रावस्ती में लघु भारत की छठा दिखेगी प्रदेश के विभिन्न जिलों की हस्तशिल्प कुटीर उद्योग और संस्कृत की झलक भी देखने को मिलेगी। 3 दिनों तक चलने वाले आयोजन को लेकर प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के नेतृत्व में श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा सहित कई जनपदों से लोग पहुंचकर श्रमदान कर रहे हैं।




