ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
हरियाणा

24 अक्टूबर को होगी लागू, 3 फेज में जल भराव की समस्या 45 प्रतिशत होगी दूर

चंडीगढ़: हाल ही में हुई बारिश से गुरुग्राम की सड़कों पर भरा पानी। जलभराव की समस्या का मुद्दा विधानसभा में भी कांग्रेस उठा चुकी है।हरियाणा की जिला जल संसाधन पॉलिसी तैयार हो गई। सूबे के सभी 22 जिलों में इसे 24 अक्टूबर तक लागू कर दिया जाएगा। राज्य में जल भराव की समस्या से निपटने के लिए पॉलिसी में 3 फेज तैयार किए गए हैं। इन तीनों फेज में 45 फीसदी इस समस्या से निपटने का टारगेट फिक्स किया गया है।पहले फेज में 10 फीसदी मिलेगी निजातपॉलिसी में पानी की कमी के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में 3 साल के दौरान पानी के अंतर को 45 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना से पहले फेज में 10 प्रतिशत, दूसरे में 15 प्रतिशत और तीसरे फेज में 20 प्रतिशत पानी की कमी और जलभराव की समस्या को दूर किया जा सकेगा।यमुनानगर-अंबाला अग्रणीराज्य के यमुनानगर और अंबाला जिले में जल भराव और जल संसाधन के क्षेत्र में अग्रणी कार्य किया गया है। सरकार और से अन्य सभी जिलों के लिए एकीकृत और समग्र तीन वर्षीय ग्राम-स्तरीय जल कार्रवाई योजना तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।जलभराव पर कांग्रेस हमलावरपिछले महीने हुई बारिश से हरियाणा में जल भराव की समस्या को लेकर पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने सरकार पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था जलभराव के कारण राहत की बारिश भी आफत बन गई है। सरकार की बदइंतजामी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

Related Articles

Back to top button