ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

22 जनवरी के दिन छुट्टी के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती, आज होगी सुनवाई, जानिए किसने उठाए सवाल

 रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन यानी सोमवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा 22 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका लॉ के चार छात्रों ने दायर की है। इस याचिका में छात्रों ने इस निर्णय के खिलाफ अवाज उठाते हुए इस रद्द करने की मांग की है।

याचिका दायर करने वाले छात्र मुंबई के जीएलसी, महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और गुजरात के NIRMA लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। इस याचिका पर रविवार को जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की विशेष बेंच ने सुनवाई करने के लिए तय किया है।

याचिका में दावा किया गया है कि सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा से जुड़ी नीति सत्ता में मौजूद राजनीतिक दल की इच्छा पर आधारित नहीं हो सकती है और धार्मिक उद्देश्य से सार्वजनिक अवकाश घोषित करना धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर हमला है। छुट्टियों से सार्वजनिक कार्यालय बंद होते हैं और इससे शिक्षा और वित्तीय नुकसान होता है। उन्होंने कहा इस पर जल्द से जल्द तर्क दिया गया है।

Related Articles

Back to top button