ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
धार्मिक

Deepak Jalane ka Mantra: दीपक जलाते समय जरूर बोलें ये मंत्र, घर में आएगी खुशहाली

इंदौर। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा करके उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। यहां तक ​​कि पूजा के दौरान दीपक जलाना भी एक जरूरी कार्य है, इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। ऐसे में अगर आप दीपक जलाते समय इन महत्वपूर्ण मंत्रों का जाप करते हैं, तो आपको कई गुना लाभ मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अग्नि को साक्षी मानकर किया गया कार्य हमेशा सफल होता है। इसलिए हिंदू धर्म में पूजा के दौरान दीपक जलाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

इस मंत्र को बोलें

शुभं करोति कल्याणमरोग्यं धनसंपदा ।

शत्रुबुद्धिविनाशय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥

मंत्र का अर्थ

इस मंत्र का अर्थ यह है कि हम इस दीपक की रोशनी को नमन करते हैं, जो शुभता, स्वास्थ्य और समृद्धि लाती है। यह शत्रुतापूर्ण भावनाओं को नष्ट कर देती है। ऐसे में अगर आप दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करते हैं, तो इससे आपके परिवार में खुशहाली आती है और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है। साथ ही आर्थिक लाभ भी होता है।

इस तरह जलाएं दीपक

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, सुबह और शाम देवी-देवताओं के सामने तेल या घी का दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाने से व्यक्ति के जीवन में प्रकाश आता है और वह तरक्की की ओर अग्रसर होता है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा भी दूर रहती है। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और खुशियां आती हैं। सुबह-शाम तुलसी जी के पास भी घी का दीपक जलाने की परंपरा है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button