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मध्यप्रदेश

उज्जैन दुष्कर्म कांड: सतना की है पीड़िता, माता-पिता से जल्द मिलवाया जाएगा, 4 और आरोपित हिरासत में

उज्जैन। उज्जैन में मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। पुलिस ने बच्‍ची की पहचान भी कर ली है। सतना एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि बच्‍ची सतना की रहने वाली है, जो कि उज्जैन पहुंची थी, जहां वह 3 से 4 घंटे तक रही। अब पुलिस बच्‍ची को जल्‍द ही उसके माता-पिता से मिलवाएगी।

चार और संदिग्ध हिरासत में

उज्जैन एसपी सचिन शर्मा के अनुसार पुलिस ने इस मामले में चार और संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं एक आरोपित को पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी है।

प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

इस घटना के बाद कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने मध्‍य प्रदेश की कानून व्‍श्‍वस्‍था पर सवाल उठाए हैं। उन्‍होने ट्वीट कर कहा कि ‘भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में एक छोटी बच्ची के साथ हुई बर्बरता आत्मा को झकझोर देने वाली है। अत्याचार के बाद वह ढाई घंटे तक दर-दर मदद के लिए भटकती रही और फिर बेहोश होकर सड़क पर गिर गई लेकिन मदद नहीं मिल सकी।’

प्रियंका गांधी ने आगे कहा ‘ये है मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा? भाजपा के 20 साल के कुशासन तंत्र में बच्चियां, महिलाएं, आदिवासी, दलित कोई सुरक्षित नहीं है। लाडली बहना के नाम पर चुनावी घोषणाएं करने का क्या फ़ायदा है अगर बच्चियों को सुरक्षा और मदद तक नहीं मिल सकती?’

ये है मामला

गौरतलब है कि सोमवार शाम को बड़नगर रोड पर मुरलीपुरा से आगे दांडी आश्रम के पास 12 वर्षीय बालिका मिली थी। मासूम के कपड़े खून से सने थे। वह कुछ भी बताने में समर्थ नहीं थी। इलाज के लिए उसे चरक अस्पताल में भर्ती कराया था। पांच डाक्टरों ने बालिका का इलाज किया था। जांच में सामने आया कि बालिका के साथ दुष्कर्म उसके मिलने से 24 घंटे पहले हुआ है।

देर रात मासूम की हालत खराब होने पर उसे इलाज के लिए इंदौर रेफर किया था। बालिका की मां के बारे में भी पुलिस को कुछ जानकारी नहीं मिली है। पीड़िता तिरुपति ड्रीम्स कालोनी व हाटकेश्वर विहार कालोनी में करीब ढाई घंटे तक पैदल घूमती रही थी। वह पैदल ही आठ किलोमीटर दूर बड़नगर रोड पर दांडी आश्रम के समीप पहुंची थी। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो बच्‍ची सतना की है, जहां उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

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