ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

 बेमौसम बरसात से खुले में रखे सोयाबीन व गेहूं भीगे

भोपाल । प्रदेश की उज्जैन और खाचरौद कृषि उपज मंडी में बेमौसम बरसात से हजारों बोरी सोयाबीन व गेहूं के बोरे तरबतर हो गए। डोम में रखे गेहूं के ठप्पे भी गीले हो गए। नालियां जाम होने के चलते थोड़ी देर की बरसात से नालों का पानी सड़क पर आ गया। गुरुवार की बीती रात व शुक्रवार को दिनभर रुक रुककर हुई जोरदार बरसात ने कृषि उपज मंडी में खुले में रखे हजारों क्विंटल गेहूं को तरबतर कर दिया। सोया प्लांटों को भेजे जाने के लिए रखे सोयाबीन के ढेर को भी गीला कर दिया। जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। कारोबारी निमेष अग्रवाल ने बताया कि देशावर में भेजने के लिए करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं का स्टेक लगा हुआ था। जो परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने से रह गया। इस दौरान वर्षा होने से गीला हो गया। कलर डेमेज होने से काफी नुकसान हुआ है। बारिश तेज होने से व्यापारियों को अपनी उपज को संभालने का मौका न मिल पाने से करीब 20 हजार बोरी गेहूं भीग गया। डोम में भी पानी आ जाने से यहां पर रखी उपज की बोरियां भी गीली हो गई। दिनभर किसानों को भी नीलामी से लेकर तोल करने तक में परेशान होना पड़ा। शुक्रवार को करीब 20 हजार बोरी गेहूं की आवक रही। उधर खाचरौद में मौसम के एकाएक परिवर्तन के साथ ही शाम को नगर में तेज वर्षा से पूरे क्षेत्र में ठंडक घुल गई। शुक्रवार शाम 4 बजे से नगर में रुक-रुककर तो कभी तेज वर्षा से पूरा अंचल तरबतर हो गया। इस बिन मौसम बरसात से नगर की नवीन एवं पुरानी कृषि उपज मंडी में खुले में पड़ा व्यापारियों का हजारों क्विंटल गेहूं पानी से खराब होने के साथ ही व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। इधर मंडी व्यापारी निशित सिसोदिया ने बताया कि कृषि उपज मंडी में व्यापारियों को कई वर्षों से मंडी समिति गोडाउन आवंटन नहीं कर रही है, जिसके कारण व्यापारियों को अपना माल खुले में रखना पड़ता है। इस कारण उन्हें इस प्रकार बिन मौसम हो रही बरसात से लाखों रुपये का नुकसान होता है, जबकि व्यापारियों ने कई बार मंडी समिति के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर भी गोदाम आवंटन की प्रक्रिया सरल सहज करने की कोशिश की। लेकिन सफलता नहीं मिली। जिससे माल खुले में पड़ा रहने से व्यापारियों को भारी नुकसान होता है।

Related Articles

Back to top button