सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश के बदले मिलेगा अर्जित अवकाश
लंबे समय से शिक्षक कर रहे थे विरोध
बता दें कि प्रदेश में शिक्षकों को पहले दो माह यानी 60 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता था। बाद में इसे धीरे-धीरे कम करके 40 दिन कर दिया गया। वहीं शिक्षकों से ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी ड्यूटी कराई जाती है। इस दौरान विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाने के लिए गृह संपर्क अभियान, मध्याह्न भोजन, प्रशिक्षण जैसे कई कार्यक्रम चलते हैं। इस कारण शिक्षकों को करीब सात दिन का ही अवकाश का लाभ मिल पाता है। ग्रीष्मवकाश में काम करवाने का शिक्षक कई सालों से विरोध कर रहे थे।
यह होगी प्रक्रिया
विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ग्रीष्मावकाश के सभी प्रकरणों को संकुल प्राचार्य शिक्षा पोर्टल पर शिक्षकों की जानकारी अपलोड करेंगे। सभी जिला शिक्षा अधिकारी जानकारी का सत्यापन कर प्रकरण को लाक करेंगे। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय के स्तर पर परीक्षण के बाद अवकाश का स्वीकृत आदेश आनलाइन जारी किया जाएगा। स्वीकृति आदेश संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों को एम शिक्षा मित्र एवं शिक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होगा। पोर्टल पर सभी प्रकरणों की जानकारी 31 दिसंबर तक अपलोड करनी होगी।




